MP Weather News: आंधी-बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानिए पूरी जानकारी
MP News: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार, 14 जून 2025 को कई जिलों में तेज आंधी और बारिश ने दस्तक दी, जिसका असर रविवार, 15 जून 2025 को भी जारी रहेगा। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 47 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। शनिवार को उज्जैन में आंधी के कारण रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई, जबकि नीमच में टीनशेड उड़ गए। इस मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं कई जगहों पर नुकसान भी पहुंचाया है। आइए, जानते हैं इस मौसमी हलचल की पूरी कहानी।

47 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को मध्य प्रदेश के निम्नलिखित 47 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है:
- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया
- रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, पन्ना, दमोह, कटनी
- मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर
- सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर
- शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार
- अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच
- श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा
जबलपुर, डिंडौरी
इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है, जिसके साथ मध्यम से तेज बारिश और वज्रपात की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिसके कारण यह मौसमी गतिविधियां सक्रिय हो रही हैं।
शनिवार को कैसा रहा मौसम?
14 जून 2025 को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश ने दस्तक दी। उज्जैन में तेज हवाओं के कारण बेरछा और पीर अमरूद के बीच रेलवे ट्रैक पर एक पेड़ गिर गया, जिससे भोपाल-दाहोद ट्रेन (19340) सहित कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। इस घटना से रेल यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। नीमच में आंधी इतनी तेज थी कि एक मकान का टीनशेड उड़ गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
छिंदवाड़ा में करीब 0.75 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि खजुराहो, सागर, सिवनी, बालाघाट, धार, उज्जैन, जबलपुर, और शाजापुर में भी मध्यम से तेज बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में रिमझिम बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन तेज हवाओं ने कई जगहों पर नुकसान भी पहुंचाया। इन मौसमी गतिविधियों ने मध्य प्रदेश में गर्मी और उमस के बीच राहत तो दी, लेकिन साथ ही कई चुनौतियां भी खड़ी कीं।
गर्मी का असर भी बरकरार
हालांकि बारिश और आंधी ने कई जगहों पर राहत दी है, लेकिन मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का कहर अभी भी जारी है। शनिवार को नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा था। छतरपुर के खजुराहो में 44.7 डिग्री और नौगांव में 44.6 डिग्री तापमान रहा। सतना (43.1 डिग्री), सीधी (43 डिग्री), दमोह, शाजापुर, टीकमगढ़, रीवा, नरसिंहपुर, खरगोन, गुना, शिवपुरी, उमरिया, खंडवा, बैतूल, और सागर में भी पारा 40 डिग्री या उससे अधिक रहा।
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों के तापमान की बात करें तो:
- भोपाल: 40.4 डिग्री सेल्सियस
- इंदौर: 38.8 डिग्री सेल्सियस
- ग्वालियर: 42.5 डिग्री सेल्सियस
- उज्जैन: 40 डिग्री सेल्सियस
- जबलपुर: 40.3 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान में कमी आ सकती है, लेकिन कुछ इलाकों में गर्मी का असर बरकरार रहेगा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं लगातार प्रदेश में पहुंच रही हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश, और वज्रपात का दौर अगले 2-3 दिनों तक जारी रह सकता है। उन्होंने कहा, "15 और 16 जून को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना है।"
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है, वहां लोग खुले मैदानों में जाने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए मंडियों में रखे अनाज को ढक दें।
प्रभाव और नुकसान
प्री-मानसून बारिश और आंधी ने मध्य प्रदेश में कई तरह की समस्याएं पैदा की हैं। उज्जैन में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नीमच में टीनशेड उड़ने से संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, कई जिलों में बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
कृषि क्षेत्र में भी बारिश का असर देखा गया है। रीवा, जबलपुर, और रायसेन जैसे जिलों में मंडियों में रखा अनाज भीग गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। हालांकि, बारिश ने खेतों में नमी बढ़ाई है, जो आगामी बुआई के लिए फायदेमंद हो सकती है। लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
मानसून की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। सामान्य तौर पर, मध्य प्रदेश में मानसून 20 से 25 जून के बीच प्रवेश करता है। लेकिन इस बार प्री-मानसून गतिविधियां इतनी सक्रिय हैं कि मई और जून में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट चुके हैं। मई 2025 में इंदौर में 139 साल बाद 4.6 इंच बारिश दर्ज की गई, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। उज्जैन में भी मई में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड बना।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले बारिश और आंधी का यह दौर प्रदेश के लिए सामान्य है। लेकिन इस बार इसकी तीव्रता और व्यापकता ज्यादा है। अगले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति पर नजर रखी जा रही है, और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
जनता और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने कई जगहों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। भोपाल, इंदौर, और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में नगर निगम ने नालों की सफाई और जलभराव से निपटने के लिए टीमें तैनात की हैं। उज्जैन और ग्वालियर में रेलवे और बिजली विभाग ने आपातकालीन टीमें गठित की हैं, ताकि आंधी या बारिश से होने वाले नुकसान को तुरंत ठीक किया जा सके।
स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को मौसम की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे सुरक्षित रहें। सोशल मीडिया पर भी लोग मौसम अपडेट्स साझा कर रहे हैं, और कई यूजर्स ने उज्जैन और नीमच की घटनाओं की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए हैं।












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