MP Weather News: जानिए मध्य प्रदेश में कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड, मौसम वैज्ञानिक ने दी बड़ी जानकारी

MP Weather News: मध्य प्रदेश में ठंड का दौर फिर से तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने 25 जनवरी से राज्य में तेज सर्दी का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है।

सर्दी का यह नया दौर प्रदेशवासियों के लिए फिर से ठंड का अहसास कराएगा, और इसका असर विभिन्न शहरों में महसूस किया जा सकता है।

MP Weather Know when there will be severe cold in Madhya Pradesh Bhopal-Indore Gwalior

दक्षिण-पूर्वी हवा का असर, लेकिन जल्द ही होगी बदलाव की उम्मीद

मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल मध्य प्रदेश में दो प्रमुख मौसम प्रणालियों की सक्रियता देखने को मिल रही है। इनमें से एक पंजाब और उसके आस-पास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय परिसंचरण) है, जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) है। इन प्रणालियों के कारण अभी हवा का रुख दक्षिण-पूर्वी दिशा में बना हुआ है, जिससे प्रदेश में हल्की गर्मी के मुकाबले ठंड में भी कमी आई है।

लेकिन अगले दो दिनों में हवा का रुख उत्तरी दिशा में बदल जाएगा, जिससे ठंडी हवाओं का असर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ जाएगा। इस बदलाव से दिन और रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे सर्दी का अहसास और बढ़ेगा।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खासकर उत्तर भारत के क्षेत्रों में यह बदलाव महसूस किया जाएगा। इस समय तक हवाएं दक्षिण-पूर्वी दिशा में बह रही हैं, लेकिन जैसे ही हवा का रुख बदलने लगेगा, ठंडी हवाओं का प्रवाह तेज होगा। इन हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी बढ़ सकती है, और विशेष रूप से मध्यप्रदेश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में ठंड अधिक महसूस की जाएगी।

तापमान में गिरावट और ठंड के असर का विस्तार

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जब हवा की दिशा उत्तरी हो जाएगी, तो प्रदेश में दिन-रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे ठंड की तीव्रता बढ़ेगी और प्रदेश के नागरिकों को अधिक सर्दी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषकर, रात का तापमान और अधिक घटने की संभावना है, जो रात में ठंड बढ़ाने का काम करेगा।

कृषि और जनजीवन पर पड़ेगा असर

इस बदलाव का असर केवल आम जीवन पर ही नहीं, बल्कि कृषि पर भी पड़ सकता है। यदि ठंड की चपेट ज्यादा बढ़ी, तो यह फसलें विशेष रूप से गेंहू और अन्य रबी फसलों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए किसान और कृषि विशेषज्ञों को आगामी मौसम के बारे में अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, ठंड के इस दौर के दौरान, विशेषकर सुबह और रात के समय वाहनों की गति को नियंत्रित करने की सिफारिश की गई है ताकि दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो सके।

नागरिकों के लिए राहत और सावधानी की आवश्यकता

मध्य प्रदेश के नागरिकों को आगामी ठंड के मौसम में खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ठंडी हवाओं से बचाव के लिए ऊनी कपड़े पहनने की जरूरत होगी, विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। साथ ही, सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण भी बढ़ सकता है, इसलिए मास्क पहनने और बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

जेट स्ट्रीम का मौसम पर असर

जेट स्ट्रीम हवाएं एक उच्च वायुमंडलीय धाराएं होती हैं, जो प्रायः उत्तरी गोलार्ध के ऊपरी वायुमंडल में चलती हैं। इन हवाओं का सामान्यत: प्रभाव मौसम के बदलावों पर होता है, विशेष रूप से ठंड और गर्मी के दौर में। हालांकि, इस बार प्रदेश में जेट स्ट्रीम हवाओं का असर अपेक्षाकृत कम देखने को मिला है। इसका कारण यह है कि जेट स्ट्रीम का प्रभाव न केवल स्थानीय तापमान को प्रभावित करता है, बल्कि इसकी गति में कमी आने से प्रदेश में तापमान बढ़ गया है।

प्रदेश में मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले पांच दिनों से प्रदेश में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। पहले जिन शहरों में दिन का तापमान 20 डिग्री के नीचे था और शीतलहर चल रही थी, वहां अब ठंड का असर कम हो गया है और तेज धूप देखने को मिल रही है। इस बदलाव के कारण, रात के तापमान में भी वृद्धि हुई है, जो पहले ठंडा रहता था। कई शहरों में दिन के समय तेज धूप और रात के तापमान में बढ़ोतरी का अनुभव हो रहा है, जिससे सर्दी का असर न के बराबर हो गया है।

कृषि पर असर और मौसम की भविष्यवाणी

मौसम में हो रहे इस बदलाव का प्रभाव कृषि पर भी पड़ सकता है। जहां पहले रबी फसलों के लिए ठंडा मौसम उपयुक्त था, अब अचानक बढ़े हुए तापमान से फसलों को नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से गेहूं जैसी फसलें, जो ठंडे मौसम में बेहतर होती हैं, गर्मी में प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, आने वाले दिनों में इस प्रकार के मौसम बदलावों के कारण किसानों को फसल की देखरेख में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

नागरिकों के लिए सावधानी की आवश्यकता

मौसम में बदलाव को देखते हुए नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ठंड में कमी आई है, लेकिन तेज धूप और बढ़े हुए तापमान के कारण लू लगने का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को सूरज की सीधी रोशनी से बचने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, अधिक धूप में बाहर निकलते समय पानी का सेवन अधिक करने और सिर पर टोपी या अन्य सुरक्षात्मक उपायों को अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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