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नौरादेही अभयारण्यः टाइगर भूखे न रहें, इसलिए पेंच से लाए जा रहे चीतल, भविष्य में चीतों का पेट भी भरेंगे

सागर, 17 सितंबर। मप्र के सागर जिले में नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य में एक बार फिर जंगल के राजा टाइगर्स का राज कायम हो गया है। चार साल पहले यहां लाए गए बाघ-बाघिन के जोड़े का परिवार के सदस्य अब एक दर्जन हो गए हैं। जिस तेजी से यहां बाघों की संख्या बढ़ रही है, उसी तेजी से यहां इनके आहार की समस्या भी बढ़ रही है। इसके लिए प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व से नौरादेही में चीतलों को लाकर छोड़ा जा रहा है। नौरादेही प्रबंधन के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व से 1 हजार चीतल लाए जाने हैं। इनमें से फिलहाल तक 750 चीतल आ चुके हैं।

जैसे-जैसे बाघ बढेंगे, तेजी से चीतलों का शिकार करते हैं

जैसे-जैसे बाघ बढेंगे, तेजी से चीतलों का शिकार करते हैं

वन्य प्राणी अभयारण्य के जानकार बतात हैं कि नौरादेही में जैसे-जैसे बाघों की संख्या बढ़ती जाएगी, वे अपना पेट भरने के लिए चीतलों का शिकार करेंगे। जितने ज्यादा टाइगर होंगे उतने ही चीतल कम होते जाएंगे। इसलिए यहां पर चीतलों की पर्याप्त आबादी बनाए रखने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व व वन्य प्राणी अभयारण्यों से चीतलों को बुलाकर इनको नौरादेही में छोड़ा जा रहा है। साल 2019 से चीतलों को यहां लाने का काम जारी है।

पेंच टाइगर रिजर्व से यहां करीब 750 चीतल आ चुके हैं

पेंच टाइगर रिजर्व से यहां करीब 750 चीतल आ चुके हैं

नौरादेही अभयारण्य में जिस तेजी से बाघ परिवार बढ़ रहा हैए उसी तेजी से उनका प्रमुख शिकार चीतल कम हो रहे हैं। बाघों पर पेट भरने और शिकार की भरपूर व्यवस्था करने के लिए वन विभाग को चीतल आयात करने पड़ रहे हैं। नौरादेही अभयारण्य में करीब 750 चीतल आ चुके हैं। करीब ढाई सौ चीतलों की खेप और आना है। आगामी समय में भी यहां चीतलों को लाकर छोड़ा जाएगा। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

टाइगर राधा-किशन की दूसरी पीड़ी भी जवान हो चुकी है

टाइगर राधा-किशन की दूसरी पीड़ी भी जवान हो चुकी है

नौरादेही में साल 2018 में बाघिन राधा व कुछ समय बाद बाघ किशन को लाकर नौरादेही में बसाया गया था। साल 2019 के अंत में इनके तीन शावकों का जन्म हुआ था। ये शावक अब जवान हो चुके हैं। राधा ने दो फीमेल व एक मेल बाघ को जन्म दिया था। इसमें से टी-12 के भी शावकों का जन्म हो चुका है। वर्तमान में नौरादेही में 6 शावक और छह वयस्क बाघ मौजूद हैं। छह बाघों के लगातार शिकार के लिए यहां पर्याप्त चीतलों सहित अन्य जानवरों की आबादी रखना जरुरी है, ताकि टाइगर परिवार पर भोजन की कमी का संकट न रहे।

नौरादेही में इन जानवर और पशु-पक्षियों की 275 प्रजातियां मौजूद

नौरादेही में इन जानवर और पशु-पक्षियों की 275 प्रजातियां मौजूद

नौरादेही में अभयारण्य में जानवरों और पशु पक्षियों की दर्जनों प्रजातियां मौजूद हैं। इनमें जानवरों की करीब 275 प्रजातियां मौजूद हैं। इनमें प्रमुख रुप से बाघ, तेंदुआ, भेड़िया, स्लाॅथ बियर, जंगली कुत्ते, चीतल, सांभर, चैसिंघा, लंगूर, लाल मुंह वाले बंदर प्रमुख हैं। इनके अलावा यहां 170 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां, जलचल और सरीसृप भी मौजूद हैं।

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