भारत बंद को लेकर प्रशासन सतर्क, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर नजर
ग्वालियर। 9 अगस्त को कथित भारत बंद को लेकर मध्य प्रदेश के कई जिले अलर्ट पर हैं। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर एससी-एसटी समुदाय द्वारा आंदोलन की चेतावनी के मद्देनजर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। एसपी के कई जिलों के कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों ने आमजन से अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही शांति व सदभाव का वातावरण बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शांति बनाए रखने व लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद व सतर्क हैं।

इसी साल कथित तौर पर एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2 अप्रैल को दलितों ने पूरे देश में आंदोलन किया था जिसमें कई लोगों की जानें गई थीं और काफी लोग जख्मीं हुए थे। ऐसी घटना दोबारा से ना दोहराई जाए इसके लिए पुलिस प्रशासन पहले से ही मुस्तैद है। इसके चलते भिंड, मुरैना, ग्वालियर सहित दतिया में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक मध्य प्रदेश के इन्हीं जिलों में आंदोलन का असर ज्यादा दिख रहा है।
दतिया और मुरैना जिले में आज दलित संगठनों के भारत बंद की घोषणा के बाद जिले भर में धारा-144 लागू कर दी गई है। मुरैना जिले में 9 और 10 अगस्त तक धारा 144 लागू रहेगी। जिले भर में आगामी 24 घंटों के लिए इंटरनेट बंद किया जा सकता है। गुना में भी संभावित भारत बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। शहर भर में पुलिस बल तैयार किया गया है, ताकि अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस ने 2 अप्रैल के भारत बंद से सबक लेकर विशेष बंदोबस्त किए हैं। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी हुई है।
गुना में भी संभावित भारत बंद को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है. शहर भर में पुलिस बल तैयात किया गया है, ताकि अप्रिय घटना से बचा जा सकें. पुलिस ने 2 अप्रैल के भारत बंद से सबक लेकर विशेष बंदोबस्त किए हैं. सोशल मीडिया पर भी नजर रखी हुई है।
पुलिस प्रशासन ने आंदोलन के मद्देनजर लोगों को भी अफवाहों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया है। ग्वालियर कलेक्टर अशोक वर्मा ने बुधवार को विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों की बैठक में कहा कि प्रतिनिधिगण अपने स्तर से लोगों को जागरूक करें और उन्हें बताएं कि किसी भी अफवाह के आधार पर असामाजिक गतिविधि में शामिल नहीं होना है। उन्होंने कहा यदि किसी भी प्रकार की आशंका है तो तुरंत प्रशासन व पुलिस को सूचना दें। उन्होंने बैठक में कहा कि जिले में धारा-144 लागू है और जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाली अफवाह जो समाज में भय उत्पन्न कर सकती है, सभी उनका खण्डन करें। सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, वॉट्सएप व ट्विटर इत्यादि पर वर्ग, धर्म, संप्रदाय, विद्वेष संबंधी भड़काऊ पोस्ट नहीं की जाएं, न ही ऐसी पोस्ट सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड की जाए।












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