पन्नाः फतेहपुर से आकर पन्ना में लगाई खदान, निराश होकर जा रहे थे, तभी हाथ लग गया हीरा
सागर, 25 सितंबर। हीरों की नगरी पन्ना की धरती ने रविवार को एक और गरीब, हताश और निराश इंसान की तकदीर पलट थी। यूपी के फतेहपुर से पन्ना आकर 3 साल से हीरा की खदान का पट्टा स्वीकृत कराकर मिट्टी में मशक्कत कर रहे अतर सिंह को हीरा नहीं मिल सका था। वह हताश होकर सामान समेटकर घर वापस जाने वाले थे, अचानक उनकी किस्मत पलटी और मिट्टी के अखिरी चाल में उन्हें 60 सेंट का हीरा हाथ लगा है।

यूपी के फतेहपुर के रहने वाले अतर सिंह जेसीबी चलाते थे। उनके मित्रों ने बताया वे पन्ना में हीरा की खदान का पट्टा लेकर हीरा तलाशते हैं। पूर्व में कई लोगों को हीरे मिल चुके हैं। इस कारण अतर सिंह दोस्तों की बात मानकर पन्ना आ गए। यहां पर उन्होंने हीरा की तलाश के लिए पन्ना के पटी बजरिया के पास पट्टा बनवाकर खदान लगाई थी। यहां वे बीते तीन साल से मिट्टी की खुदाई कर हीरा की तलाश कर रहे थे। लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। आखिरकार किस्मत में हीरा न होने की सोचकर उन्होंने घर वापस जाने का मन बनाया और सामान समेटना शुरु कर दिया था। बीते रोज उन्होंने सोचा कि मिट्टी की आखिरी खेप बची है। इसे छानकर साफ कर लेते हैं, उसके बाद यदि कुछ नहीं मिला तो वे वापस घर चले जाएंगे।

धरती ने मिट्टी से उगल दिया हीरा, चमक उठी किस्मत
हीरा कार्यालय में हीरा जमा कराने आए अतर सिंह ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे घर जाने की तैयारी कर चुके थे, सोचा खदान में रखी आखिरी चाल की मिट्टी में किस्मत आजमाई जाए। उन्होंने आखिरी चाल को साफ करना प्रारंभ किया और इसी दौरान चमचमता हीरा उनके हथेली में आ गया। उसे देखकर उन्होंने ईश्वर को धन्यवाद दिया और हीरा कार्यालय पहुंचे जहां उसे जमा करा दिया। हीरा 60 सेंट का निकला है। यह उज्जवल क्वालिटी का है, जिसकी अच्छी कीमत मिल सकती है। अतर सिंह कहते हैं, हीरा की नीलामी के बाद जो राशि मिलेगी उससे वे आगे भी यहां हीरा खदान का पट्टा लेंगे।












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