MP पंचायत चुनाव: सरपंच पद का निकला 'टेंडर', ₹44 लाख की बोली लगाकर सौभाग बने भटोली के मुखिया
₹ 44 लाख में छूटा भटोली सरपंच का पद, चार लोगों ने लगाई बोली, जानिए किस ने काम में खर्च होंगे ये रुपए
अशोकनगर, 17 दिसम्बर। देश में जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए बाकायदा लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है, मगर मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अशोकनगर जिले की भटोली ग्राम पंचायत में अजीब ही मामला सामने आया है। यहां पर सरपंच पद के लिए किसी टेंडर की तरह बोली लगाई गई है और सर्वाधिक बोली लगाने वाले को भटोली का निर्विरोध सरपंच भी चुन लिया गया है।

चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान
प्रकरण राज्य चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने मामले की पड़ताल भी करवाई है, मगर गांव का कोई भी शख्स अपने बयान में यह बोलने को तैयार नहीं कि सरपंच पद के लिए बोली लगाई गई है।

अभी तो नामांकन भी शुरू नहीं हुआ
दरअसल, इस वक्त मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 चल रहे हैं। अशोकनगर जिले में तीन चरणों में मतदान होगा। अभी भटोली ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए नामांकन भी शुरू नहीं हुआ। भटोली में तीसरे चरण में वोटिंग होगी।

राधा-कृष्ण मंदिर में हुई बैठक
इस बीच आई है कि मंगलवार को भटोली ग्राम पंचायत के राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में सुबह 11 बजे ग्रामीणाें की बैठक हुई, जिसमें सर्व समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में तय किया गया कि सरपंच पद के लिए बोली लगा ली जाए।

सौभाग सिंह यादव ने लगाई 44 लाख रुपए की बोली
सरपंच पद के लिए चार अलग-अलग लोगों ने बोली लगाना शुरू की। अंतिम बोली सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपए की लगाई, जिसके बाद भरी सभा में सभी ने उन्हें भटोली ग्राम पंचायत का निर्विरोध सरपंच मान लिया गया।

बोली में हिस्सा लेने की फीस पांच हजार रुपए
बैठक में भटोली से सरपंच पद का चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों को बुलाया गया। बैठक में तय था कि जो भी बोली में हिस्सा लेगा, उसे पांच हजार रुपए जमा करने होंगे। इस बोली में चार लोगों ने हिस्सा लिया और अपने पांच-पांच हजार रुपए जमा कराए।

21 लाख रुपए से शुरू हुई बोली
बताते हैं कि मंदिर पर पहली बोली 21 लाख रुपए से शुरू हुई। इसके बाद यहां मौजूद अन्य उम्मीदवारों ने राशि बढ़ाकर बोली लगाई। यह बोली 43 लाख रुपए तक पहुंच गई, जिसके बाद सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपए की बोली लगा दी।

अब कोई सौभाग के खिलाफ नहीं लड़ेगा चुनाव
इसी बीच दोपहर एक बज गए और बोली लगाने का समय समाप्त हो गया। सभी ने तय किया कि सौभाग सिंह को निर्विरोध सरपंच निर्वाचित किया जाएगा। ऐसे में अब उसके सामने कोई भी इनके सामने चुनाव नहीं लड़ेगा।

मंदिर के विकास पर खर्च होंगे रुपए
यह बात भी सामने आई है कि भटोली गांव के राधा-कृष्ण मंदिर पर हुई बैठक में जो बोली लगाई गई है, उस रकम का उपयोग गांव के विकास और मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए किया जाएगा। इस राशि से मंदिर के लिए जमीन भी खरीदी जाएगी।

अशोकनगर जिला कलेक्टर क्या बोलीं?
इधर, अशोकनगर जिला कलेक्टर उमा माहेश्वरी कहती हैं कि बोली लगाकर सरपंच चुनने के मामले में राज्य चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के आदेश पर आरओ की एक टीम गांव में वास्तविकता का पता लगाने के लिए भेजी गई।

चुनाव आयोग लेगा अंतिम फैसला
टीम ने बैठक में शामिल होने वाले के बयान लिए गए, जिनमें किसी ने यह बात नहीं स्वीकार की कि सरपंच पद का फैसला लगाकर किया गया है। पूरी रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। इस संबंध में आगामी फैसला अब आयोग लेगा।

प्रशासन के सामने नहीं खोला मुंह
गांव भटौली में बोली लगाकर सरपंच चुनने के मामले में भले ही अशोकनगर जिला प्रशासन की जांच टीम के सामने किसी ने मुंह नहीं खोला है, मगर खुद सौभाग सिंह यादव मीडिया से बातचीत में स्वीकार रहे हैं कि उन्हें गांव का सरपंच चुना गया है और वो भी बोली लगाकर।

सारे गांव ने मिलकर चुना-सौभाग सिंह
सौभाग सिंह यादव कहते हैं कि उन्हें गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुना गया है। ग्रामीणों ने अपनी इच्छा से उनको चुना है। यह राशि मंदिर के विकास पर खर्च करेंगे। मैंने अपनी मर्जी से कुछ नहीं किया। ग्रामीणों की आपसी सहमति से फैसला लिया गया है। हर घर से दो-दो चार-चार लोगों ने बैठक में हिस्सा लिया था।












Click it and Unblock the Notifications