MP News weather: मानसून 2025, सामान्य से बेहतर बारिश की उम्मीद, इन संभागों में भारी जलवृष्टि की संभावना
MP News weather: मध्य प्रदेश के किसानों और जल प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों के लिए राहत की खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल राज्य में सामान्य से बेहतर मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है।
अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच मध्य प्रदेश में औसत से 4 से 6 प्रतिशत अधिक बारिश हो सकती है। यह अनुमान प्रदेश के कृषक समुदाय और प्रशासन दोनों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है।

विभाग के अनुसार, प्रदेश में इस वर्ष औसतन 104% से 106% तक बारिश हो सकती है, यानी करीब 38-39 इंच वर्षा होने की संभावना है, जबकि सामान्य औसत 37.3 इंच होती है। खास तौर पर जबलपुर और शहडोल संभाग में सबसे अधिक बारिश होने के आसार हैं, जबकि ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में भी संतोषजनक बारिश की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों की राय: "कृषि और जल संरक्षण के लिए अनुकूल वर्ष रहेगा"
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि "एल-नीनो प्रभाव कमज़ोर पड़ने और ला-नीना की संभावना के चलते भारत में मानसून मजबूत रहने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश को इस साल अच्छी बारिश मिलेगी, जो खरीफ फसलों के लिए अनुकूल रहेगी।"
यादव ने कहा कि यदि मानसून समय पर और संतुलित वितरण के साथ आता है, तो यह प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहले से तैयारी की जाए।
MP News weather: पिछले सालों का प्रदर्शन: 2019 जैसा बंपर मानसून फिर?
पिछले वर्षों में प्रदेश में बारिश का रुझान कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में स्थिति सामान्य रही है। आंकड़ों के अनुसार:
- 2017: केवल 29.9 इंच, सबसे कम बारिश का वर्ष
- 2015: 32.4 इंच, सामान्य से कम
- 2018: 34.3 इंच, औसत से थोड़ा कम
- 2019: 53 इंच, सबसे अधिक बारिश, किसानों के लिए बंपर फसल का साल
- 2021 और 2023: औसत से थोड़ी कम, लेकिन संतोषजनक बारिश
- 2024: 44 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश, जिससे खेती में सुधार हुआ
अगर 2025 का अनुमान सटीक बैठता है, तो यह लगातार सातवां साल होगा जब मध्य प्रदेश में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की जाएगी।
क्षेत्रवार पूर्वानुमान: कहां कितनी बारिश? भारतीय मौसम विभाग ने क्षेत्रवार भी पूर्वानुमान जारी किया है:
1.जबलपुर और शहडोल संभाग:
भारी वर्षा की संभावना, कई स्थानों पर औसत से 20% तक अधिक बारिश हो सकती है। यहां बाढ़ की आशंका भी जताई गई है।
2.ग्वालियर और चंबल संभाग:
सामान्य से थोड़ी अधिक बारिश, जो सिंचाई और खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी।
3. इंदौर और उज्जैन संभाग:
सामान्य स्तर की बारिश, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना।
4.भोपाल संभाग:
सामान्य से बेहतर बारिश, जिससे जलाशयों का जलस्तर भरने और पीने के पानी की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।
MP News weather: किसानों के लिए आशा की किरण
मध्य प्रदेश में खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। विशेष रूप से सोयाबीन, धान, चना और गेहूं जैसी फसलें समय पर और पर्याप्त बारिश की मांग करती हैं। पिछले साल अच्छी बारिश के कारण सोयाबीन का औसत उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल बढ़ा था। यदि इस साल भी मानसून बेहतर रहा, तो यह सिलसिला आगे बढ़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि: "यदि मानसून के वितरण में संतुलन बना रहा, तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। लेकिन असंतुलित या अचानक भारी बारिश नुकसानदेह भी हो सकती है।"
संभावित खतरे: अच्छी बारिश के साथ बढ़ती चुनौतियां
जहां अच्छी बारिश खुशखबरी है, वहीं अत्यधिक या अनियमित वर्षा चिंता का कारण भी बन सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है, खासकर शहडोल और जबलपुर में
- जलभराव और जलनिकासी की समस्या बढ़ सकती है
- कमजोर फसलों को अत्यधिक बारिश से नुकसान हो सकता है
- प्रशासन को जल निकासी, तटबंध, और बाढ़ नियंत्रण योजनाओं पर अग्रिम तैयारी करने की सलाह दी गई है।
सरकारी तैयारियां और योजनाएं
राज्य सरकार ने मानसून पूर्व तैयारियों के तहत सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को संयुक्त रूप से निगरानी और प्रबंधन करने को कहा गया है।
राज्य कृषि मंत्री ने कहा: "हम सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को बारिश का पूरा लाभ मिले। बीज वितरण, खाद की आपूर्ति और सिंचाई के साधनों की व्यवस्था पहले से कर ली गई है।"












Click it and Unblock the Notifications