Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: UPSC 2024 रिजल्ट, आयुषी बनीं मध्य प्रदेश की शान, मोनू-आशीष ने दिखाया जज्बा, जानिए टॉपर्स के राज

MP News: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जैसे ही घोषित हुआ, पूरा देश एक बार फिर उन युवाओं की मेहनत और संघर्ष की कहानियों से गूंज उठा जिन्होंने यह 'करिश्मा' कर दिखाया।

इस बार पूरे देश में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने पहला स्थान प्राप्त किया, लेकिन मध्यप्रदेश के युवा भी पीछे नहीं रहे। ग्वालियर, भोपाल, रीवा, मंदसौर, रतलाम, इटारसी और आगर जैसे शहरों के होनहार युवाओं ने साबित कर दिया कि सपनों की कोई सीमाएं नहीं होतीं।

MP News UPSC UPSC 2024 Result Ayushi became the pride of Mp Monu-Ashish showed passion know the toppers

ग्वालियर की आयुषी बंसल बनीं एमपी की 'सिविल क्वीन', देशभर में हासिल की 7वीं रैंक

ग्वालियर की बेटी आयुषी बंसल ने यूपीएससी में देशभर में 7वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ ग्वालियर बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया। आयुषी की सफलता जितनी शानदार है, उनकी कहानी उतनी ही भावुक। पिता का निधन तब हुआ जब वो सिर्फ 9 साल की थीं, मां ने एलआईसी की नौकरी करते हुए अकेले बच्ची को पढ़ाया, बढ़ाया।

कानपुर IIT से इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद, उन्होंने पहला प्रयास किया और आईपीएस बनीं। लेकिन उनका सपना बड़ा था - उन्होंने दोबारा परीक्षा दी, और इस बार सफलता की बुलंदी को छूते हुए देश की टॉप-10 में जगह बनाई। वर्तमान में आयुषी हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग पर हैं। उन्हें अब आईएएस के रूप में नई जिम्मेदारियां मिलने जा रही हैं।

चाय बेचने वाले का बेटा बना अफसर: ग्वालियर के माधव अग्रवाल को मिली 16वीं रैंक

ग्वालियर के ही माधव अग्रवाल ने भी कमाल कर दिखाया - देशभर में 16वीं रैंक और मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे सफल परीक्षार्थी बने। माधव के पिता राकेश अग्रवाल चाय का ठेला चलाते हैं, लेकिन बेटे की मेहनत ने उनकी किस्मत बदल दी। माधव ने 2019 में मुख्यमंत्री मेधावी योजना में टॉप किया था और तब से उनके रास्ते में कोई रुकावट नहीं आई।

रीवा के रोमिल द्विवेदी, पिता सरकारी अफसर, बेटा बना प्रशासनिक अफसर

रीवा निवासी, भोपाल में पले-बढ़े रोमिल द्विवेदी ने 27वीं रैंक हासिल की है। रोमिल के पिता केके द्विवेदी, सहकारिता विभाग में डिप्टी कमिश्नर हैं। पिछले साल रोमिल का चयन ऑल इंडिया रेवेन्यू सर्विस में हुआ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस बार उन्होंने खुद को और ऊपर उठाया - और अब बनने जा रहे हैं IAS अधिकारी।

आईआरएस छोड़ी, अब बनेंगे IAS - भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा

भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा ने इस बार 58वीं रैंक हासिल की। तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि पिछली बार वे IRS में चयनित हो चुके थे, लेकिन सपना कुछ और था। IAS बनना। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, हैदराबाद से पढ़ाई के बाद, क्षितिज ने कानून से प्रशासन की ओर रुख किया और यह कदम आज उन्हें IAS की कुर्सी तक ले जा रहा है।

AI और ChatGPT से ली मदद - अशोकनगर के आशीष रघुवंशी की खास तैयारी

आशीष ने अपने चौथे प्रयास में 202वीं रैंक पाई। लेकिन उनकी तैयारी का तरीका सबसे अलग था। वो खुद के लिए मॉक टेस्ट बनाते थे, खुद को नंबर देते थे, और यहां तक कि ChatGPT और AI से सवाल पूछकर अपनी जानकारी पुख्ता करते थे। "मैं खुद से सवाल पूछता था - और जवाब ढूंढता था," - आशीष का यह तरीका युवाओं के लिए एक अलग दिशा दिखाता है।

जर्मनी की 17 लाख की नौकरी छोड़ UPSC क्लियर किया -

मंदसौर के ऋषभ चौधरी गरोठ (मंदसौर) के ऋषभ चौधरी ने 28वीं रैंक हासिल कर ली है। उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली, और एक बेहद साहसी फैसला किया - 17 लाख की जर्मन बैंक की नौकरी छोड़ दी, ताकि देश की सेवा कर सकें। पिता का निधन हो चुका है, और घर की जिम्मेदारी भी ऋषभ पर ही थी। उन्होंने अपनी पहली पसंद IFS (Indian Foreign Service) चुनी है।

गांव से उड़ान - भितरवार की दिव्यांशी बनीं IAS, 249वीं रैंक

ग्वालियर जिले के भितरवार कस्बे की दिव्यांशी अग्रवाल ने 249वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता की किराने की छोटी सी दुकान है, और मां गृहिणी हैं। बचपन से एक ही सपना - "पापा कहते थे, मेरी बेटी IAS बने।"
आज वही बेटी IAS बनने जा रही है।

7वें प्रयास में कामयाबी - रतलाम के जावेद मेव को मिली 815वीं रैंक

जावेद मेव का सफर सबके लिए एक सीख है। सात प्रयास, सैकड़ों असफलताएं, लेकिन हार नहीं मानी। 2023 में CAPF में चयनित हुए, अब यूपीएससी में 815वीं रैंक हासिल कर ली है। उनके पिता दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी थे, न कोचिंग मिली न कोई प्राइवेट स्कूल, लेकिन ज़िद और मेहनत ने उन्हें अफसर बना दिया।

इटारसी के मोनू शर्मा की प्रेरक कहानी - बिना कोचिंग के बना IPS

359वीं रैंक हासिल करने वाले मोनू शर्मा गरीबी लाइन, इटारसी के रहने वाले हैं। पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं, मां गृहिणी। मोनू कहते हैं, "मेरी दो छोटी बहनें हैं, एक MPPSC की तैयारी कर रही है, और अब मैं IPS बनने जा रहा हूं।"

और भी नाम जिन्होंने MP का मान बढ़ाया:

  • आगर के आयुष जैन - 344वीं रैंक
  • इंदौर के योगेश राजपूत - 540वीं रैंक
  • रामलखन गुर्जर (505), अरुण मालवीय (893), देवांगी मीणा (764) - भी सूची में शामिल हैं।

सपनों की कीमत होती है - मेहनत

यूपीएससी परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, लेकिन इन युवाओं ने दिखा दिया कि यदि हौसले बुलंद हों, तो हालात भी रास्ता देते हैं। मध्य प्रदेश के इन बेटों और बेटियों की कहानियां न सिर्फ प्रेरणास्पद हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक रोशनी का काम करेंगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+