MP News: सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, लिए गए महत्वपूर्ण फैसले
MP News: मध्यप्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर संचालित अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों को "पीएम कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस" के रूप में उन्नयन किए जाने के संबंध में फैसला लिया गया।

ज्ञात हो मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 570 शासकीय महाविद्यालय संचालित है। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर संचालित अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों में सभी संकायों में सुविधाओं में वृद्धि करते हुए अग्रणी/चिन्हित महाविद्यालयों को "पीएम कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस "के रूप में उन्नयन किया जाएगा। इस पर अनावर्ती व्यय 312 करोड़ 56 लाख रूपए एवं आवर्ती व्यय 147 करोड़ 84 लाख रूपए इस प्रकार कुल राशि 460 करोड़ 40 लाख रूपए का खर्च अनुमानित है।
उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों की डिग्री/अंकसूची को डिजीलॉकर में अपलोड किये जाने का निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है । उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत 16 शासकीय एवं 53 निजी विश्वविद्यालय संचालित है। अभी तक कुल 09 सरकारी विश्वविद्यालयों एवं 5 निजी विश्वविद्यालयों के वर्ष 2019-20 से 2021-22 तक के छात्रों की अधिकांश डिग्री/अंकसूची डिजीलॉकर में दर्ज की जा चुकी है।
साइबर तहसील परियोजना पूरे प्रदेश में लागू होगी
मंत्रिपरिषद द्वारा 1 जनवरी, 2024 से साइबर तहसील की व्यवस्था मध्यप्रदेश के सभी 55 ज़िलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में बिना आवेदन, नामांतरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण की फेसलेशव्यवस्था जून, 2022 से लागू की गई है। इसे साइबर तहसील नाम दिया गया है। इसमें रजिस्ट्री के बाद , क्रेता के पक्ष में अविवादित नामांतरण, एक फ़ेसलेस, पेपरलेस तरीके से ऑनलाइन प्रक्रिया के द्वारा 14 दिन में बिना आवेदन के और बिना तहसील के चक्कर लगाए स्वतः ऑटोमेटिक तरीके से हो जाता है और खसरे तथा नक़्शे में भी क्रेता का नाम चढ़ जाता है। वर्तमान में यह व्यवस्था प्रदेश के 12 जिलों की 442 तहसीलों में लागू है। इसके माध्यम से अब तक 16 हजार से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक बजाने पर प्रतिबंध
मंत्रिपरिषद ने धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक बजाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। प्रदेश में धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड का उल्लंघन करते हुए बजाए जाने वाले लाउडस्पीकरों अथवा डीजे आदि की जाँच के लिए उड़न दस्तों का गठन, निरीक्षण एवं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई का फैंसला लिया गया।
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