Sagar News: खुरई को प्रदेश में 53वां जिला बनाने की तैयारी, राजनीतिक रसूख में बीना पिछड़ा
MP में जल्द ही जिलों की संख्या 52 से बढ़ सकती है। सागर संभाग में एक और नया जिला जुड़ने जा रहा है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र खुरई में सार्वजनिक कार्यक्रम में खुरई को नया जिला बनाने की बात कही है। उनके अनुसार यहां जिला बनाने जिला बनाने के लिए सभी संसाधन और साधन मौजूद हैं। बता दें कि करीब 25 साल से बीना को जिला बनाने की मांग उठ रही थी, लेकिन राजनीतिक एप्रोच के चलते खुरई के आगे बीना पिछड़ गया है। जबकि बीना रेलवे जंग्शन के साथ रिफायनरी व इंडस्ट्रियल ऐरिया के कारण दावेदारी रखता था।

सागर जिले में खुरई को जल्द ही जिला बनाया जा सकता है। दीपावली के ठीक एक दिन पहले ही खुरई विधानसभा में बांदरी को तहसील का दर्जा दिया गया है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही खुरई को जिला बनाने की कोशिश की जा रही है। बीना-खुरई को एक साथ मिलाकर विकास किया जाएगा। यहां जिला बनाने के लिए लगभग सभी संसाधन मौजूद हैं। बता दें कि खुरई और बीना के लोग अपनी-अपनी तहसील को जिला बनाने के लिए लंबे समय से मांग उठाते आए हैं। चूंकी खुरई से विधायक और प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय संभाल रहे भूपेंद्र सिंह खुरई से ही दो बार से विधायक बनते आ रहे हैं, इस कारण खुरई की दावेदारी पुख्ता मानी जा रही है। बीते 9 साल से यहां जिस तरीके से विभागों और सुविधाओं को विकसित किया गया है, उस लिहाज से खुरई बीना से आगे निकल गया है।

छह तहसीलों को मिलाकर खुरई जिला बनाने की तैयारी
तीन दिन पहले ही खुरई विधानसभा के अधीन राजस्व सर्किल के बांदरी को तहसील का दर्जा दिया गया है। खुरई को जिला बनाने की प्लानिंग में छह तहसीलों को शामिल का जिला बनाया जा सकता हैं। इसमें खुरई, बीना, कुरवाई, पठारी, मालथौन और बांदरी को शामिल किया जा सकता हैं। भविष्य में नया जिला खुरई आबादी के लिहाज से संभाग के निवाड़ी वाले जिले से भी आगे होगा।

सालों पहले से चल रही हैं तैयारी, संयुक्त प्रशासनिक भवन भी बन रहा
खुरई को जिला बनाने के लिए भूपेंद्र सिंह काफी लंबे समय से प्लानिंग कर रहे हैं। यहां खुरई अस्पताल को तीन साल पहले से ही जिला अस्पताल स्तर की अस्पताल बनाने की तैयारी की जा चुकी है। भवन से लेकर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तहसीलों की संख्या बढ़ाई गई है। वर्तमान में यहां संयुक्त तहसील भवन तैयार हो रहा है। इसे सागर के संयुक्त प्रशासनिक भवन अर्थात कलेक्टोरेट के नए भवन की तर्ज पर ही विकसित किया जा रहा है। भविष्य के लिहाज से इसका एरिया, कमरे, चैंबर आदि तैयार किए जा रहे हैं। यहां पूर्व से दो एडीजे कोर्ट मौजूद हैं तो बिजली कंपनी, पीएचई विभाग के संभागीय कार्यालय मौजूद हैं। यहां नया सर्किट हाउस भी प्रस्तावित है। वाटर प्रोजेक्ट, सीवरेज योजना पहले से ही यहां चल रही है। जिले में ऐतिहासिक पुरातत्व स्थल, धार्मिक स्थान में विश्व प्रसिद्ध एरण, पठारी के ऐतिहासिक स्थल भी शामिल हैं।












Click it and Unblock the Notifications