MP News: 11 लाख किसानों के सिर से उतरेगा कर्ज का बोझ, 3 हजार करोड़ खर्च कर सरकार करेगी ब्याज माफ
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार चुनाव से पहले कर्ज से परेशान किसानों को राहत पहुंचा सकती है। दरअसल प्रदेश सरकार डिफॉल्टर हो चुके किसानों को बचाने के लिए उनका ब्याज माफ करने की तैयारी कर रही है।

मध्यप्रदेश में साल विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में बीजेपी सरकार किसानों किसानों के हित में नीति बनाने का काम कर रही है। प्रदेश में जल्द ही किसानों को सरकार चुनाव से पहले बड़ी राहत देगी। दरअसल प्रदेश सरकार डिफॉल्टर हुए 4 लाख 41 हजार 840 किसानों के कर्ज के ब्याज की राशि माफ करने की योजना तैयार कर रही है।
बता दे प्रदेश में 'जय किसान कर्ज माफी योजना' शुरू कर कांग्रेस सरकार तो सभी पात्र किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाई। ऐसे में 4 लाख 41 हजार 840 किसान योजना का लाभ नहीं मिलने से डिफाल्टर हो गए। अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पिछली सरकार की इस कमजोरी पर चुनावी दांव खेलने की तैयारी में है।
कृषक ब्याज सहायता योजना लाने की तैयारी
जय किसान कर्ज माफी योजना के कारण डिफॉल्टर हुए किसानों के साथ फसल ऋण जमा नहीं कर पाए सभी तरह के डिफाल्टर किसानों को बढ़ते ब्याज के बोझ से मुक्त कराकर डिफाल्टर की श्रेणी से बाहर निकालने के लिए सरकार ने ब्याज माफी के लिए 3 गुना यानी 11 लाख से अधिक किसानों को चिन्हित किया है। इनके लिए राज्य सरकार कृषक ब्याज सहायता योजना लाने की तैयारी में है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। संभवत मई में सरकार इसकी घोषणा करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने की थी ये घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम पद की शपथ लेने के साथ ही सबसे पहली घोषणा ₹2 लाख तक के कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। 50 हजार तक के कर्ज बकायेदारों का तो कर्ज माफ भी हो गया। लेकिन बजट की कमी के कारण बाकी बचे कर्जदार किसानों को इसका फायदा नहीं मिल सका। बचे हुए किसान योजना का अमलीजामा पहनने की राह देखते रह गए और ब्याज व मूलधन नहीं चुकाने के कारण वे डिफॉल्टर हो गए।
किस जिले से कितने डिफॉल्टर किसान
कांग्रेस की कमलनाथ वाली सरकार जाने के बाद योजना का लाभ नहीं नहीं लव सके प्रदेश के लगभग 4 लाख 41 हजार 840 किसान डिफॉल्टर हो गए। इसमें सर्वाधिक 32 हजार 594 डिफाल्टर किसान छतरपुर जिले के है। इसके बाद दूसरे नंबर पर मंदसौर जिला है। जहां 26 हजार 431 किसान डिफॉल्टर है। इसके बाद दमोह में 20,871 किसान डिफॉल्टर है। वहीं 10,000 से अधिक डिफॉल्टर वाले किसानों में विदिशा बैतूल, रायसेन, सीहोर, गुना, शिवपुरी, रतलाम, जिला खंडवा, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, सिवनी, बालाघाट और जबलपुर के किसान शामिल है।
मई में होने वाली कैबिनेट में आ सकता है ये फार्मूला
विभागीय के सूत्रों की माने तो सहकारिता विभाग अपेक्स बैंक और वित्त विभाग मिलकर ब्याज माफी का फार्मूला तय कर रहे हैं। कुल 11 लाख किसान इसके दायरे में आ रहे हैं। सूत्रों की माने तो अभी यह तय नहीं हो पा रहा है कि इसमें ₹2 लाख तक के मूलधन वाले किसानों को लेना है या फिर ₹2 लाख तक के ब्याज और मूलधन को मिलाकर इसे दायरे में रखना है? इसके अलावा इस पर भी विचार किया जा रहा है कि शून्य प्रतिशत ब्याज दर की अधिकतम सीमा ₹3 लाख तक का कर्ज लेने वाले किसानों का ब्याज माफ किया जाए या नहीं। अगर इस फार्मूले पर मुहर लगती है तो तुरंंत इस योजना को कैबिनेट में रखा जाएगा और मंजूरी मिलते ही इसे लागू किया जाएगा। संभवत माना जा रहा है कि चुनाव से पहले सरकार किसानों के हित में यह बड़ा फैसला करेगी।
अभी सरकार ₹3 लाख तक बिना ब्याज के देती है कर्ज
मध्यप्रदेश में अपेक्स बैंक जिला सहकारी बैंक प्रदेश के किसानों को फसल के हिसाब से प्रति हेक्टर 50 हजार से सवा लाख रुपए तक कर्ज बिना ब्याज के देती है। कर्ज की अधिकतम सीमा ₹3 लाख से अधिक राशि का कर्ज बिना ब्याज के नहीं मिल पाता है इसमें छोटे बड़े सभी किसानों को 0% ब्याज पर कर्ज लेने की पात्रता है।












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