MP की मंडी में किसानों को नहीं मिल रहा सोयाबीन का सही दाम, क्या बढ़ने वाले हैं भाव, जानिए
मध्य प्रदेश में इन दिनों सोयाबीन की फसल अब कृषि उपज मंडियों में पहुंचने लगी है, जहां सोयाबीन की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों ने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत की है।
वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में किसानों ने बताया कि, उन्हें फसल के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। हालात कुछ इस कदर खराब है कि, जितनी लागत थी उतना दाम भी फसल का नहीं मिल पा रहा। इसी के साथ किसानों ने मध्यप्रदेश सरकार से उचित दाम दिलवाने की मांग की है।

देपालपुर से सोयाबीन की फसल लेकर मंडी पहुंचे किसान महेश ठाकुर ने बताया कि, बहुत बढ़िया सोयाबीन थी, 4360 रुपए बिकी है। सुपर माल था। सोयाबीन जिस हिसाब से उत्पादन है, उस हिसाब से 6 हजार से कम किसी को नहीं मिलना चाहिए। हमें बिल्कुल भी नहीं पूर रहा है। हमारी लागत ही नहीं निकल पा रही है। किसान उत्पादन के हिसाब से नुकसान की स्थिति में है।

किसान रघुनाथ गुर्जर बताते हैं कि सोयाबीन 4365 के भाव में बिका है सुपर माल था भाव से संतुष्ट नहीं है मालपुरा साफ करके लाए थे ग्रेडिंग माल था फिर भी नुकसान में है अबकी बार लागत की कोई लिमिट नहीं है हालत बहुत खराब है सरकार से मांग है कि ₹6000 से ऊपर सोयाबीन बिकनी चाहिए।

किसान ओमप्रकाश पटेल ने बताया कि, गवर्नमेंट रेट 4092 है, कम से कम वह रेट तो किसान को मिलना चाहिए। ग्रेडिंग किया हुआ माल 4360 रुपए तक का बिक रहा है। यह तो कहीं तक ठीक नहीं लगता।

किसान पटेल ने बताया कि, बोली गवर्नमेंट रेट से शुरू होनी चाहिए, फिर जहां जाकर खत्म हो ठीक है। उत्पादन के हिसाब से रेट कम है, जो रेट है, वह भी नहीं मिल रहा है। सरकार ने जो निर्धारित किया है, वह रेट भी किसानों को नहीं मिल रहा है। मौसम के कारण कि सोयाबीन खराब हुई है।
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