Khan Sir Controversy: 'खान सर का आपराधिक इतिहास', किन मामलों में पहले से दर्ज मुकदमे, क्या हैं वो बड़े कारनामे?
Khan Sir Firing Case: पटना में खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े विवाद की गूंज अब अदालत तक पहुंच चुकी है। 2 जून को हुए फायरिंग और बवाल मामले में सुनवाई के दौरान उस समय बहस का नया मोड़ सामने आया जब सरकारी पक्ष ने अदालत में दावा किया कि फैजल खान उर्फ खान सर (Faisal Khan aka Khan Sir) का आपराधिक इतिहास रहा है।
इस दावे के बाद अदालत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। एक ओर सरकारी वकील ने खान सर की भूमिका और पुराने मामलों का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिन मामलों का हवाला दिया जा रहा है, वे आपराधिक मामले नहीं हैं। इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने खान सर को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी और पुलिस से केस डायरी तलब कर ली। हालांकि, उन्हें अंतरिम बेल नहीं दी गई है।

कोर्ट में क्या बोला सरकारी पक्ष?
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत के सामने कहा कि खान सर का आपराधिक इतिहास है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकारी पक्ष ने यह भी दावा किया कि फायरिंग मामले में खान सर की भूमिका की जांच जरूरी है। अभियोजन पक्ष का कहना था कि घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच अभी बाकी है और ऐसे में सभी तथ्यों को अदालत के सामने रखा जाना चाहिए।
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सरकारी वकील ने यह भी दलील दी कि मामले में नामजद लोगों की भूमिका को देखते हुए जांच को प्रभावित किए बिना आगे बढ़ने देना जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने राहत देने का विरोध किया और अदालत से पूरे रिकॉर्ड को देखने की मांग की।
बचाव पक्ष ने दिया जवाब
सरकारी पक्ष के दावों का जवाब देते हुए खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने कहा कि जिन पुराने मामलों का जिक्र किया जा रहा है, वे धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आंदोलनों के दौरान दर्ज हुए थे। उन्होंने अदालत में कहा कि ऐसे मामलों को गंभीर आपराधिक इतिहास बताना सही नहीं होगा।
वकील ने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल का फायरिंग की घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें कई बिंदुओं पर सवाल उठते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि खान सर जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
फायरिंग केस में खान सर पर क्या हैं आरोप?
पूरा विवाद 2 जून की रात पटना में खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए बवाल और कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को नामजद किया और बाद में खान सर का नाम भी मामले में जोड़ा गया।
पुलिस की ओर से दर्ज केस में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराओं के तहत जांच की जा रही है। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई अभी अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
गार्ड्स को लेकर भी हुई बहस
सुनवाई के दौरान खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों का मामला भी चर्चा में रहा। दीपक कुमार और तालेबर सिंह पहले से पुलिस हिरासत में हैं। उनके संबंध में भी अदालत ने केस डायरी और अन्य दस्तावेज तलब किए हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जबकि सरकारी पक्ष घटना को गंभीर मानते हुए अपनी दलीलों पर कायम है।
रौशन आनंद से विवाद के बाद बढ़ा मामला
यह पूरा विवाद खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों के बीच बढ़ते तनाव के बाद सामने आया। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए और मामला पुलिस तक पहुंच गया। इसी विवाद के चलते ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद का नाम भी मामले में सामने आया और उनकी ओर से भी अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है।
खान सर पर पहले से दर्ज हैं कौन से मुकदमें?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार खान सर पे छात्र आंदोलन के दौरान मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा अंजना ओम कश्यप में भी हाल ही में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है।
खान सर (फैसल खान) पर दर्ज मुकदमे-
मामला 1 - RRB-NTPC छात्र आंदोलन (जनवरी 2022)
- पत्रकार नगर थाना, पटना में FIR दर्ज
- RRB-NTPC परीक्षा के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन उकसाने का आरोप
- खान सर समेत 6 कोचिंग शिक्षक और 16 अन्य लोग नामजद
- राजेंद्र नगर टर्मिनल पर हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों के बयान पर केस
- खान सर ने कहा था - "अगर मेरी भूमिका है तो गिरफ्तार करो"
- गिरफ्तारी नहीं हुई
मामला 2 - अंजना ओम कश्यप मानहानि केस (जून 2026)
- आजतक की वरिष्ठ एंकर अंजना ओम कश्यप और TV Today Group ने दिल्ली हाईकोर्ट में खान सर, 4PM न्यूज नेटवर्क, अभिनय मैथ्स, बबीता त्यागी समेत आठ लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है
- पूरे विवाद की जड़ NEET पेपर लीक मामले से जुड़ी एक टीवी डिबेट है, जिसमें अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन कोचिंग और स्टार एजुकेटर्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे
- खान सर ने अंजना ओम कश्यप के खिलाफ "बिकाऊ पत्रकार", "चाटुकार", "दलाली", "फेक न्यूज़ की दुकान" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था
- याचिका में 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति और विवादित वीडियो/पोस्ट्स हटाने की मांग की गई है
- दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है और खान सर को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है
मामला 3 - पटना कोचिंग फायरिंग (जून 2026)
- कदमकुआं थाना, पटना में FIR दर्ज
- 2 जून 2026 को खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट के बाहर तोड़फोड़ और फायरिंग
- धाराएं: BNS धारा 109 (हत्या का प्रयास) + Arms Act
- खान सर, गार्ड प्रमोद कुमार और तालेबर सिंह नामजद आरोपी
- गार्डों ने पूछताछ में बताया - खान सर के कहने पर .315 बोर राइफल से 4 राउंड फायर किए
- CCTV फुटेज में फायरिंग की पुष्टि
- गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज
पुराने मामलों को लेकर क्या है स्थिति?
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने खान सर के आपराधिक इतिहास का जिक्र जरूर किया, लेकिन अदालत में उन मामलों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई। दूसरी ओर बचाव पक्ष लगातार यह कहता रहा कि पुराने मामले धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों से जुड़े थे, न कि किसी गंभीर आपराधिक गतिविधि से।
ऐसे में इस मुद्दे पर अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी जब केस डायरी, पुलिस रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज अदालत के सामने पूरी तरह रखे जाएंगे। फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए रिकॉर्ड तलब कर लिया है और सभी पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा।
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