MP News: ऊर्जा विभाग की नई पहल: गांवों में ट्रांसफॉर्मर रिप्लेसमेंट, जानिए किसानों को होगा ये बड़ा फायदा

MP News: मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग अब गांवों में खराब ट्रांसफॉर्मरों के रिप्लेसमेंट के लिए राजस्थान और गुजरात के पैटर्न को अपनाने की तैयारी कर रहा है। इन राज्यों में ट्रांसफॉर्मर की लाने-ले जाने की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए क्रेन जैसे बड़े वाहनों का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति के तहत अब प्रदेश में भी ट्रांसफॉर्मरों का रिप्लेसमेंट तेज गति से किया जाएगा।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने इस बात की जानकारी दी है कि ट्रांसफॉर्मर रिप्लेसमेंट की वरीयता सूची अब सिर्फ वेबसाइट पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी भेजी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रिप्लेसमेंट कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी इलाके को बिजली की समस्या से जूझने न पड़े।

mp Energy Department new initiative Transformer replacement in villages farmers will get benefit

बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार

नीरज मंडलोई ने गोविंदपुरा स्थित मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्यालय में किसानों के साथ बैठक में यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को 10 घंटे और आम नागरिकों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा विभाग विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है।

बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश

नीरज मंडलोई ने यह भी बताया कि पुलिस विभाग के साथ मिलकर प्रदेश में बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने की योजना बनाई गई है। बिजली चोरी, जो कई बार प्रदेश की विद्युत आपूर्ति में रुकावट का कारण बनती है, अब सरकार के प्रमुख ध्यान में है। इससे न सिर्फ राज्य की ऊर्जा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि यह किसानों और आम नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

ई-केवाईसी अभियान और उपभोक्ता सुरक्षा

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि ऊर्जा विभाग ने ई-केवाईसी अभियान को पूरे प्रदेश में चलाने का निर्णय लिया है। इससे हर उपभोक्ता की पहचान सटीक रूप से की जा सकेगी। यह व्यवस्था एमपी ऑनलाइन के साथ मिलकर लागू की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो और यह सुगमता से पूरी हो सके।

बिजली बिल भुगतान के लिए अपील

नीरज मंडलोई ने किसानों और उपभोक्ताओं से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा, "किसी भी हालत में अनधिकृत व्यक्ति को बिजली बिल का भुगतान न करें।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अस्थाई कनेक्शन का चार्ज और नियमित बिजली बिल की राशि केवल कंपनी के अधिकृत कैश काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से ही जमा करानी चाहिए। यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा, जिससे कोई भी धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।

मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग की बैठक में किसानों की समस्याओं का समाधान

मध्य प्रदेश ऊर्जा विभाग द्वारा आयोजित बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा, जिसे अपर मुख्य सचिव (एसीएस) नीरज मंडलोई ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारी और कंपनी के प्रबंधक संचालक भी मौजूद थे, जिन्होंने किसानों और उपभोक्ताओं के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।

लोड गणना और स्मार्ट मीटर

बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी ने बताया कि जबलपुर, सागर और रीवा संभागों में कृषि और गैर कृषि उपभोक्ताओं की लोड गणना पारदर्शी तरीके से की गई है। यदि किसी उपभोक्ता को लोड गणना में कोई समस्या हो, तो वह टोल फ्री नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं और फिर अपनी कृषि पंप या परिसर की पुनः लोड गणना करा सकते हैं।

द्विवेदी ने स्मार्ट मीटर की जांच प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर केवल कंपनी की लैब में पूरी तरह से जांचे जाने के बाद ही उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके और उपभोक्ताओं को सही बिलिंग सेवा मिल सके।

स्थायी कृषि पंप कनेक्शन की नई पहल, किसानों को होगा बड़ा फायदा

कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने घोषणा की कि अब कृषि उपभोक्ताओं को सिर्फ 5 रुपए में स्थायी कृषि पंप कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। यह कदम प्रदेश में कृषि कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि सरल संयोजन पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता आसानी से अपने नवीन कृषि पंप कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं, और कंपनी के मैदानी अधिकारी नियमानुसार इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे।

ई-केवाईसी प्रक्रिया

सिंघल ने यह भी बताया कि एमपी ऑनलाइन के माध्यम से उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। यह कदम उपभोक्ताओं की पहचान को सुनिश्चित करने और बिजली बिलिंग की पारदर्शिता में सुधार करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को उनकी पहचान से जुड़ी समस्याओं का समाधान आसानी से मिल सकेगा और बिजली वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

किसानों के साथ संवाद

बैठक के दौरान, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संघर्ष 10 घंटे की कृषि बिजली आपूर्ति और 24 घंटे की सामान्य आपूर्ति का है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी उपभोक्ता को अपनी बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अब सीधे अधिकारियों से संपर्क करना होगा, और इसके लिए सरकार ने कई नई पहलें शुरू की हैं।

भविष्य की दिशा

राज्य सरकार द्वारा बिजली वितरण की समस्या और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाए जा रहे हैं। राजस्थान और गुजरात पैटर्न के तहत ट्रांसफॉर्मर रिप्लेसमेंट प्रक्रिया को लागू करने से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति में भी सुधार होगा और गांवों में रहने वाले लोगों को भी समय पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इस कदम से प्रदेश के किसानों को अपनी कृषि कार्यों के लिए निरंतर बिजली मिल पाएगी, जिससे उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर में सुधार होगा। इसके साथ ही आम नागरिकों को भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति का वादा सरकार का है, जो प्रदेश की समग्र ऊर्जा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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