MP: दबंग विधायक ने आपा खोया, कलेक्टर से बोलीं- आंखें फूट गईं क्या तुम्हारी, ढोर, बेवकूफ आदमी!
सागर, 30 सितंबर। मप्र में अपनी दबंगई व तेज तर्रार स्वभाव के लिए पहचानी जाने वाली पथरिया से बसपा विधायक रामबाई परिहार ने शुक्रवार को दमोह कलेक्टोरेट कार्यालय में कलेक्टर एस कृष्ण के सामने जमकर हंगामा किया। कलेक्टर उन्हें समझाते रहे, लेकिन एमएलए रामबाई अपना आपा खो बैठी। गुस्से में कलेक्टर से बोलीं तुम आदमी हो कि ढोर हो... बेवकूफ आदमी...! क्यों बैठे हो कलेक्टर की कुर्सी पर, छोड़ो कलेक्टर की कुर्सी, घर जाकर बैठो... पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्टर का सेक्योरिटी गार्ड बीच में आकर कुछ बोला तो कलेक्टर ने खुद उसे चुप रहने के लिए बोल दिया। बाद में कलेक्टर अपने चैंबर में चले गए और विधायक बाद में भी चिल्लाती रहीं, अभद्र भाषा का उपयोग करती रहीं।
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दमोह जिले की पथरिया विधायक रामबाई परिहार शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं की समस्याओं को हल कराने के लिए कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य के पास पहुंची थीं। इसमें पेंशन, राशन पात्रता, विधवा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वचित बुजुर्ग और विधवा महिलाएं शामिल थीं। कलेक्टर चैंबर के बाहर उन्होंने कलेक्टर को बुलवाया। कलेक्टर आए तो महिलाओं की समस्या पर बोले की मैं इनके दस्तावेज चेक करा लेता हूं। जो भी पात्र होंगी उन्हें लाभ दिया जाएगा। इसके बाद विधायक रामबाई गुस्से से बिफर पड़ीं और अपने दबंगई अंदाज में आकर कलेक्टर को खरी-खोटी सुनाने लगीं। महिलाओं के कागज उठाकर कलेक्टर को दिखाते हुए बोंली 15 साल में क्या पात्रता की जांच नहीं करा पाए। तुम कलेक्टर हो, किसको कराना है यह काम। क्यों शिविर लगवा रहे हों, जब गरीबों को लाभ नहीं देना है। आप कलेक्टर हैं न? कलेक्टर का मतलब मुझे बताईए? आप का कर्तव्य क्या है? पहले यह बताई? आखें मीचके सोने का थोडे है।

गुस्से में बोलीं-तुम्हारी और कर्मचारियों की आंखे नहीं फूटी हैं!
रामबाई गुस्से में बोली मुझसे नियमों की बात आप मत करो। यदि ये कागज सही हैं, क्या यह पात्रता नहीं है, पात्रता क्या होती है। 35 साल से 15 साल से पात्रता चैक नहीं करा पाए। आप शिविर किसलिए लगाए जा रहे हैं। कौन देखेगा इनको। इनकी पात्रता है तो ये कहां जाएं, कहां गए आपके अधिकारी। कलेक्टर इस दौरान कहते रहे कि मैं पात्रता चेक करा लेता हूं। जो भी पात्र है, उसे लाभ दिया जाएगा। कलेक्टर ने जब कहा कि मैं चेक करा लूंगा तो रामबाई गुस्से में चिल्लाते हुए चीखकर बोली- अरे आंखे फूट गईं क्या तुम्हारी और तुम्हारे कर्मचारियों की, अकल ही नहीं है, दो रुपए कि, आंखे फूट गईं क्या, चेक कराने की बात करते हो... बेवकूफ आदमी, ढोर आदमी, ये कलेक्टर है या बेवकूफ है, अकल ही नहीं है, मुझे डायलाग मार रहे हो। रामबाई यहीं नहीं रुकी और कलेक्टर के चैंबर में जाने के बावजूद भी जोर-जोर से मीडिया के कैमरों के सामने चिल्लाती रहीं।












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