'चौरी चौरा घटना' के सभी वीर शहीदों को CM मोहन यादव ने किया नमन, कही ये खास बात
Madhya Pradesh News: चौरी-चौरा की घटना 4 फरवरी 1922 को हुई थी, जिसे काले दिन की घटना के रूप में देश कभी नहीं भूल सकता। चौरी-चौरा की घटना के वीर शहीदों को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शत्-शत् नमन किया।
सीएम यादव ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा, 'राष्ट्रीय एकता की नींव डालने वाली भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण चौरी-चौरा घटना के 102 वर्ष पूरे होने पर मां भारती की स्वतंत्रता के पुण्य लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को शत-शत नमन।'

इतना ही नहीं, सीएम यादव ने लिखा, 'भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई दिशा देने वाले 'चौरी चौरा घटना' के सभी वीर शहीदों को शत्-शत् नमन। भारत माता को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने दिया गया आपका बलिदान भावी पीढ़ियों को सदैव मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।'
बता दें कि चौरी चौरा की घटना 4 अप्रैल 1922 में तब हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने मार्केट लेन चौरा की तरफ अपना रुख मोड़ लिया। उस वक्त उनपर और असहयोग आंदोलन कर रहे लोगों पर गोलियों की बौछार कर दी गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने कई पुलिस स्टेशनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और 19 लोगों की मृत्यु हो गई।
लोगों की मौत के बाद ब्रिटिश सरकार ने बौखलाहट में आकर चौरी चौरा के आसपास और चौरी चौरा में मार्शल लॉ लागू कर दिया। इसके साथ ही घटना से दुखी होकर गांधी जी 5 दिन के उपवास पर चले गए और उन्होंने असहयोग आंदोलन को निरस्त कर दिया। उस समय जवाहरलाल नेहरू जेल में बंद थे और उनका मानना था कि गांधी जी ने यह फैसला बेहद जल्दबाजी में लिया।












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