MP पन्ना के जेके सीमेंट प्लांट में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत में कैसे गिरा स्कैफोल्डिंग, 4 की मौत, कई घायल
MP news: पन्ना जिले में स्थित जेके सीमेंट प्लांट में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जब निर्माणाधीन हिस्से में छत की स्लैब डाली जा रही थी। इस दौरान अचानक भाड़ा (स्कैफोल्डिंग) गिर गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। हादसे के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
मृतकों की पहचान और हादसे में घायल हुए मजदूर
घटना के बाद, पन्ना के कमिश्नर वीरेंद्र सिंह रावत ने पुष्टि की कि इस हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मृतकों के शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे में 15 मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें कटनी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है।

डीआईजी ललित शाक्यवार ने बताया कि मृतकों में से तीन बिहार राज्य के रहने वाले हैं, जबकि एक पन्ना जिले के सिमरिया का निवासी था। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- अंसार आलम (34 वर्ष), निवासी पूर्णिया, बिहार
- मसूद (36 वर्ष), पिता नसरूदीन, निवासी पूर्णिया, बिहार
- रोहित खरे (32 वर्ष), निवासी सिमरिया, पन्ना
- मुस्फिर (36 वर्ष), निवासी पूर्णिया, बिहार
प्लांट प्रबंधन की ओर से मुआवजा
प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 18 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि घायलों को 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, प्रबंधन ने यह भी बताया कि घायल मजदूरों का इलाज कटनी के अस्पताल में किया जा रहा है और जब तक वे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक उनका इलाज जारी रहेगा। साथ ही, सभी मजदूरों को उनकी पूरी सैलरी भी दी जाएगी।
हादसे के कारण की जांच
प्रथम दृष्टया, हादसे के कारण के रूप में बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की सेविंन फ्लोर की बीम से सैटरिंग गिरने के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और एक जांच टीम का गठन किया गया है, जो घटनास्थल पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राहत और बचाव कार्य
पन्ना एसपी साईं कृष्ण एस थोटा ने बताया कि हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया। एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय पुलिस बल ने मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए पूरी कोशिश की। कई घायल मजदूरों को नजदीकी कटनी जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हालांकि, तीन घंटे बाद भी प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। घटना के बाद, प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था और अंदर केवल प्रशासन, कर्मचारी और एसडीआरएफ की टीम को ही प्रवेश की अनुमति थी
हादसे में मारे गए मजदूर
प्लांट के अंदर से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के समय 100 से ज्यादा मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे, जो यूपी, बिहार, झारखंड और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी थे। मृतकों में तीन मजदूर बिहार के रहने वाले हैं और एक पन्ना जिले के सिमरिया का निवासी है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
दुर्घटना का विवरण
एक प्रत्यक्षदर्शी मजदूर, रामेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि वह सुबह साढ़े आठ बजे ड्यूटी पर आए थे। करीब 10:30 बजे उन्हें सीसीआर लैब से आवाजें सुनाई दीं और जब वे बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि हादसा हो चुका था। उन्होंने बताया कि 3-4 मजदूर ऊपर की मंजिल में सरिए में फंसे हुए थे, जिनकी मौत हो गई थी। अन्य घायल मजदूर नीचे गिर गए थे। रामेंद्र ने यह भी बताया कि हादसे के बाद सुपरवाइजर और कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें प्लांट से बाहर कर दिया और वहां डेडबॉडी का कोई पता नहीं चला।
रामेंद्र ने कहा, "मैंने देखा कि 10-15 लोग घायल पड़े थे, जबकि 3-4 लोग छत से लटके हुए थे, जिनकी मौत हो गई थी। कुल मिलाकर 30-35 लोग घायल थे।"
प्रशासन और राहत कार्य
घटना के बाद, पन्ना के प्रशासन और एसडीआरएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पांचवीं मंजिल का रेस्क्यू पूरा कर लिया गया है और एसडीआरएफ की टीम अन्य मंजिलों का रेस्क्यू कर रही है। हादसे के करीब 4 घंटे बाद भी प्लांट प्रबंधन ने कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी, जबकि प्लांट के पांचों गेट बंद कर दिए गए थे और अंदर केवल प्रशासनिक और राहत टीम को ही प्रवेश की अनुमति थी।
मुआवजा और सहायता
प्लांट प्रबंधन ने मृतक मजदूरों के परिवारों को 18-18 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है और घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, घायल मजदूरों का इलाज कटनी के अस्पताल में जारी है और जब तक वे स्वस्थ नहीं हो जाते, उनका इलाज जारी रहेगा।
नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना पर खजुराहो सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने घटना की जानकारी ली और जिला प्रशासन से बात की। उन्होंने दुर्घटना में तुरंत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
संभावित कारण और जांच
प्रथम दृष्टया, हादसे का कारण निर्माणाधीन इमारत की छत पर लगे स्कैफोल्डिंग का गिरना बताया जा रहा है। प्रशासन ने इस हादसे की गहन जांच के लिए एक टीम का गठन किया है, जो हादसे के कारणों का पता लगाएगी। इसके बाद, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की जांच की आवश्यकता को रेखांकित करता है। निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आवश्यक उपायों को लागू करना बेहद जरूरी है। प्रशासन और प्रबंधन के लिए यह समय है कि वे इस प्रकार के हादसों से बचने के लिए अधिक कठोर उपायों की योजना बनाएं।
इस घटना के बाद अब सबकी नजरें इस पर हैं कि प्रशासन और प्रबंधन किस प्रकार से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications