Madhya pradesh: सीधी जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का निर्वाचन टला, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
आधार पर अदालत ने एक पोलिंग बूथ पर दोबारा मतदान कराने के निर्देश दिए थे। पुनर्मतदान के बाद यहाँ का मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण 25 जुलाई को सुनवाई रखी गई थी,
सीधी, 29 जुलाई: मप्र के जिला जनपद पंचायतों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो गई। लेकिन सीधी जिला पंचायत के वार्ड नं 14 और 17 के चुनाव नतीजों के पेंच ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निर्वाचन पर ब्रेक लगा दिया है। प्रदेश के बाकी हिस्सों की तरह यहाँ भी शुक्रवार को निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होना था, लेकिन हाईकोर्ट से एक दिन पहले हुए निर्णय को सुरक्षित रख लिया गया है। कोर्ट का फैसले आने के बाद ही यहाँ अध्यक्ष उपाध्यक्ष का निर्वाचन हो सकेंगा। तब तक राजनीतिक दलों को यहाँ मंथन के लिए और वक्त मिल गया है।

दरअसल पंचायत चुनाव के बाद जिले से कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी। जिसमें वार्ड क्रमांक 14 अमिलिया और वार्ड क्रमांक 17 कुबरी के पोलिंग कुछ पोलिंग बूथ में पुनर्मतदान की मांग की गई गई। याचिका में शामिल तथ्यों के आधार पर अदालत ने एक पोलिंग बूथ पर दोबारा मतदान कराने के निर्देश दिए थे। पुनर्मतदान के बाद यहाँ का मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण 25 जुलाई को सुनवाई रखी गई थी, लेकिनं कोर्ट ने यह सुनवाई 28 जुलाई को तय की। जिस पर सुनवाई हुई और उभय पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी जिला पंचायतों में अध्यक्ष उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए शुक्रवार यानी 29 जुलाई का दिन तय किया था। पर सीधी के मामले में कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रख लिए जाने के कारण यहाँ का निर्वाचन फिलहाल टल गया है। कोर्ट की ओर से भी निर्वाचन पर रोक लगी थी। शुक्रवार को सीधी जिले को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न हुई। यहाँ राजनीतिक दलों की ओर अपने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष जिन उम्मीदवारों के लिए तैयारी की गई, अब उन्हें अदालत का फैसला आने तक इंतजार करना पड़ेगा।












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