MP:आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पाया बैलों का इंतजाम तो पिता के साथ बेटियों ने खींचा खेत में हल

भोपाल। देश में किसानों की खराब हालत किसी से छिपी नहीं है। ना सरकार से, ना जनता से। किसान हर रोज नए आंदोलन के जरिए अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखता है।

क्या यही कृषि प्रधान भारत है?

क्या यही कृषि प्रधान भारत है?

कभी सरकार से आश्वासन मिलता है तो कभी निराशा हाथ लगती है। देश के मध्य प्रदेश से ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देख कर आप यह सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि क्या यही कृषि प्रधान भारत है?

बेटियां खींच रही हैं हल

बेटियां खींच रही हैं हल

तस्वीर राज्य के सिहोर स्थित बसंतपुर की है, जहां आर्थिक तंगी के कारण किसान खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर या बैल का इंतजाम नहीं कर पाया तो वो अपने बच्चों के साथ ही खेत जोत रहा है। तस्वीर में आप देख रहे हैं कि दो बेटियां हल खींच कर खेत जोत रही हैं। बेटियों के पिता भी उनके साथ हल को पकड़ कर जुताई में मदद कर रहे हैं।

DPRO आशीष शर्मा ने कहा

DPRO आशीष शर्मा ने कहा

इस मसले पर जिला पंचायत राज अधिकारी आशीष शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसान को इस बात का निर्देश दिया गया है कि वो इस काम में बच्चों को ना लगाएं। उन्हें उचित मदद दी जाएगी। प्रशासन इस मामले को देख रहा है।

बेटियों ने 8वीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई

बेटियों ने 8वीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई

इस मसले पर किसान सरदार बरेला से से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बैलों की जोड़ी खरीदने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं था, जिसके चलते उन्हें बेटियों के साथ जुताई करनी पड़ी। सरदार ने बताया कि उनकी बेटियों ने 8वीं कक्षा से ही पढ़ाई छोड़ दी है और खेती किसानी में उनकी मदद करती हैं।

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