MP: सीवरेज में बैठी मौत ने फिर निगल ली तीन जिंदगियां, मरम्मत करने गए मजदूरों ने तोड़ा दम
सिंगरौली, 25 सितंबर। देश की गंदगी साफ करने के लिए सीवरेज पाइप में उतरना किसी जंग से कम नहीं है। बदबूदार और जहरीली गैस की वजह से हर साल सैकड़ों सफाईकर्मचारी अपनी जान गंवाते हैं। सीवरेज में पैर रखने वाला कर्मचारी जिंदा बाहर निकलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। सीवरेज में कर्मचारियों को उनके हाल पर मरने के लिए छोड़ देने वाली व्यवस्था का एक और उदाहरण मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया है। यहां शुक्रवार शाम एक सीवरेज पाइप की मरम्मत के दौरान जहरीली गैसों के कारण दम घुटने से तीन सफाई कर्मियों की मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना जिला मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर वैधान थाना क्षेत्र के कांची गांव में दोपहर करीब तीन बजे हुई। पाइप की मरम्मत का कार्य केके स्पन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पहचाने गए एक निजी ठेकेदार द्वारा किया गया था। पाइपलाइन में प्रवेश करने वाले पहले व्यक्ति 35 वर्षीय कन्हैया यादव थे, जिन्होंने कुछ समय बाद कुछ उपकरण मांगे। दूसरा श्रमिक जिसकी पहचान इंद्रभान सिंह (24) के रूप में हुई, वह टूल्स लेकर नीचे चला गया।
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जब दोनों काफी देर तक बाहर नहीं आए तो पर्यवेक्षक ने एक तीसरे मजदूर 30 वर्षीय नरेंद्र रजक को दोनों की जांच के लिए पाइपलाइन के अंदर भेजा। जब काफी समय बाद नरेंद्र ने भी कोई जवाब नहीं दिया तो जिला प्रशासन को सूचना दी गई जो मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की एक टीम के साथ राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक टीम ने तीनों को पाइपलाइन से बाहर निकाला। उन्हें जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने टीम के मौके पर पहुंचने और बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाया। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने भी सड़क जाम कर दिया।












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