Khargone Bus Accident: कैपेसिटी 35 की, सवार थे 50 यात्री, बस में ओवरलोडिंग-अंधाधुंध रफ्तार बना हादसे की वजह
एमपी के खरगोन जिले में हुए भीषण बस हादसे में करीब 21 लोगों की मौत हो गई। हादसे वाली बस का रजिस्ट्रेशन खंगालने पर पता चला कि नियम मुताबिक बस में अधिकतम 35 यात्री ही सफ़र कर सकते थे।

Khargone Bus Accident: मध्य प्रदेश के खरगोन-इंदौर रूट पर फिर मौत का सफ़र हुआ। 35 यात्रियों की क्षमता वाली इस बस में अधिक यात्री सवार थे। सेगांव के रहने वाले नीरज सोहानी के नाम पर बस का रजिस्ट्रेशन पाया गया। जिसका करीब आठ साल पहले खरगोन RTO में रजिस्ट्रेशन हुआ था।
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एमपी में बोराड़ नदी पर बने पुल पर हुए भीषण बस हादसे ने एक बार फिर हर किसी को झकझोर दिया। जिस ढंग से पुल की रेलिंग तोड़ते हुए बस कई फीट गहराई में गिरी और बस की जो हालत हुई, उससे हादसे की भयाभयता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बस में सवार जो लोग हादसे का शिकार हुए उन घायलों ने बताया कि बस अंधाधुंध रफ़्तार में थी। खरगोन से इंदौर के लिए जब रवाना हुई तो बस में यात्रियों की क्षमता पूरी हो चुकी थी। फिर बीच में कंडेक्टर और सवारी बैठाता गया।

एमएसटी ट्रेवल्स की बस MP10P 7755 का रजिस्ट्रेशन खरगोन आरटीओ में 16 नवम्बर 2015 को मिला। ड्राइवर कंडक्टर समेत इस बस में 35+2 यात्रियों को ही ढोया जा सकता है। लेकिन परिवहन नियमों को दरकिनार कर भूंसे की तरह ठूस-ठूस कर यात्रियों को मौत का सफ़र कराया गया।

बस मालिक नीरज सोहानी सेगांव तहसील खरगोन जिले का ही रहने वाला है। अपनी मंजिल के लिए जो यात्री इस बस में सवार हुए थे, उन्होंने नहीं सोचा था कि वे मौत की बस में सफ़र कर रहे है। हादसे में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताये जा रहे है। कुछ लोगों को खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, तो कुछ गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है।
इस हादसे को लेकर सरकार ने जांच के आदेश भी दे दिए है। कई राज्यों को जोड़ने वाले इस क्षेत्र के सड़क मार्गों पर पहले भी ऐसे ही हादसे हुए। जिसकी बड़ी वजह सवारियों की ओवरलोडिंग और अनफिट बसे रही। परिवहन विभाग हादसे के बाद जांच पड़ताल में तो जुटता है, लेकिन बाद में मौत की ऐसी कई बसों का सफ़र फिर शुरू हो जाता है।












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