जानिए कौन है मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जिन्हें मिली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 12 सीटों की जिम्मेदारी
Kailash Vijayvargiya News: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र में आगामी समय में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 12 सीटों का जिम्मेंदारी सौंप दी है।
इसके बाद मंत्री विजयवर्गीय ने शुक्रवार, 23 अगस्त को नागपुर का दौरा किया। वहां रामटेक और नागपुर लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं से रूबरू होते हुए, उन्हें जीत के मंत्र दिए।

बता दे भाजपा ने पश्चिम बंगाल और हरियाणा में अपनी रणनीतिक सफलता के लिए चर्चित नेता कैलाश विजयवर्गीय को अब महाराष्ट्र के नागपुर में 12 विधानसभा सीटों पर पार्टी का झंडा लहराने की जिम्मेदारी सौंप दी है। नागपुर, जो कि संघ का प्रमुख गढ़ माना जाता है, वहां वर्तमान में बीजेपी के पास 6 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 4 और एनसीपी के पास 2 सीटें हैं।
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में नागपुर की रामटेक लोकसभा सीट पर भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। इसी कारण पार्टी ने निर्णय लिया है कि विजयवर्गीय को इस क्षेत्र में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा जाए। विजयवर्गीय के साथ मंत्री प्रहलाद पटेल और विश्वास सारंग भी इस अभियान में उनकी मदद करेंगे।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी
महाराष्ट्र में साल के अंत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं, और बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारी को गति देने के लिए कमजोर सीटों पर दिग्गज नेताओं को भेजने का फैसला किया है। नागपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कैलाश विजयवर्गीय को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य पार्टी की स्थिति को मजबूत करना और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।
कई चुनावों की जीत में अहम भूमिका
विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा जैसे राज्यों में बीजेपी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी उन्हें मालवा और निमाड़ सहित प्रदेश की 60 से अधिक सीटों को जिताने का जिम्मा दिया था, जिस पर वे खरे उतरे हैं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में उन्हें सबसे कठिन मानी जाने वाली छिंदवाड़ा सीट का जिम्मा दिया गया। इस पर भी वे सौ टंच खरे उतरे और छिंदवाड़ा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की।

कौन है कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय भारतीय राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं, जिनका चुनावी सफर और उपलब्धियाँ उन्हें एक विशेष स्थान दिलाती हैं।
चुनावी करियर की शुरुआत
- 1990: कैलाश विजयवर्गीय ने पहली बार विधानसभा चुनाव में क्षेत्र क्रमांक चार से कांग्रेस के इकबाल खान को हराया। विजयवर्गीय को 48,413 वोट मिले जबकि इकबाल खान को 22,811 वोट मिले। विजय की मार्जिन 25,602 वोटों की रही।
- 1993: विजयवर्गीय ने विधानसभा क्षेत्र दो से कांग्रेस के कृपाशंकर शुक्ला को 21,062 वोटों से हराया। इस चुनाव में विजयवर्गीय को 59,346 वोट मिले जबकि कृपाशंकर शुक्ला को 38,284 वोट मिले।
- 1998: इस बार भी विजयवर्गीय ने क्षेत्र क्रमांक दो से चुनाव लड़ा और कांग्रेस की रेखा गांधी को 20,273 वोटों से हराया। विजयवर्गीय को 64,409 वोट मिले जबकि रेखा गांधी को 44,136 वोट मिले।
- उत्कृष्ट कार्यकाल:
- 2003: भाजपा ने विजयवर्गीय को क्षेत्र क्रमांक दो से ही फिर से टिकट दिया। विजयवर्गीय ने कांग्रेस के अजय राठौर को 35,911 वोटों से हराया। इस चुनाव में उन्हें 86,175 वोट मिले।
- 2008: इस बार भाजपा ने विजयवर्गीय को महू से टिकट दिया, जो कि एक कठिन क्षेत्र था। विजयवर्गीय ने कांग्रेस के अंतर सिंह दरबार को 9,791 वोटों से हराया और 67,192 वोट प्राप्त किए। इस चुनाव के बाद उन्हें भाजपा सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्री बनाया गया।
- 2013: विजयवर्गीय ने महू सीट से फिर से चुनाव लड़ा और अंतर सिंह दरबार को 12,216 वोटों से हराया। विधानसभा चुनाव 2023 में कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के सिटिंग MLA संजय शुक्ला को करीब 57 हजार 719 वोटो से चुनाव हराया था। इस बार भाजपा सरकार में उन्हें नगरीय प्रशासन मंत्री बनाया गया।
राजनीतिक प्रोफाइल
कैलाश विजयवर्गीय की चुनावी यात्रा उनके राजनीतिक कौशल और कड़ी मेहनत की कहानी है। वे 1990 से अब तक सात बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और सभी में जीत हासिल की है। उनकी राजनीतिक रणनीति और चुनावी माहौल की गहरी समझ ने उन्हें भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल किया है। उनका राजनीतिक सफर यह दर्शाता है कि वे केवल एक सफल नेता ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में एक सशक्त और प्रभावशाली उपस्थिति भी हैं।












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