उज्जैन में बाल-बाल बचे ज्योतिरादित्य सिंधिया, समर्थकों की धक्का-मुक्की में गिरी रेलिंग, टला बड़ा हादसा

भोपाल। एमपी के उज्जैन में सोमवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और BJP के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया राणाजी की छतरी से रामघाट की ओर निकल रहे थे, तभी उनसे महज कुछ फुट की दूरी पर सीढ़ियों की सीमेंट की बनी रैलिंग टूट गईं, हालांकि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई और ना ही किसी तरह का नुकसान हुआ लेकिन रेलिंग टूटने की वजह से अफरा-तफरी का माहौल जरूर पैदा हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिंधिया को देखने के चक्कर उनके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद ये हादसा हुआ।

समर्थकों की धक्का-मुक्की में गिरी रेलिंग

समर्थकों की धक्का-मुक्की में गिरी रेलिंग

हादसा तब हुआ जब सिंधिया सीढ़ियां उतर रहे थे, तभी किनारे की रेलिंग भीड़ के दबाव के कारण टूट गई, उस समय सिंधिया उस जगह से महज कुछ फुट की दूरी पर थे, सिंधिया और रेलिंग के बीच सुरक्षाकर्मी था, सिंधिया थोड़ी देर के लिए वहां रूके भी, फिलहाल किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

सिंधिया को नहीं पहुंचा कोई नुकसान

आपको बता दें कि सिंधिया सोमवार को इंदौर और उज्जैन के दौरे पर थे, वे उज्जैन में महाकाल की शाही सवारी में भी शामिल हुए, उन्होंने रामघाट पर जाकर बाबा महाकाल की पालकी का पूजन किया, मालूम हो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हर साल शाही सवारी में शामिल होते हैं, क्योंकि महाकाल मंदिर से सिंधिया परिवार का काफी पुराना संबंध है और बरसों से ये प्रथा चली आ रही है।

'कांग्रेस में काबिलियत की कद्र नहीं है'

'कांग्रेस में काबिलियत की कद्र नहीं है'

हालांकि इसके बाद सिंधिया ने मीडिया से बात की और कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला भी बोला, उन्होंने कहा कि कांग्रेस छटपटा रही है क्योंकि उनकी कुर्सी चली गई। खास कर कांग्रेस के नेता, वो चाहते हैं कि कैसे भी हो कुर्सी फिर से मिल जाए। हम लोगों को कुर्सी की फिक्र नहीं है। कांग्रेस से ना मुझे कोई उम्मीद है, ना ही आपको होनी चाहिए। कांग्रेस में काबिलियत की कद्र नहीं है। उनको तो बस कुर्सी की चिंता है। मुझे गर्व है जिस प्रकार से मेरी दादी और पिताजी ने सत्य का रास्ता अपनाया था, उसी परंपरा को आगे लेते हुए मैंने जनता की सत्य का झंडा उठाया है।

सचिन पायलट के लिए सिंधिया ने कही ये बात

सचिन पायलट के लिए सिंधिया ने कही ये बात

उन्होंने कहा कि यह दु:ख की बात है कि कांग्रेस में काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जाता है, यही स्थिति मेरे पूर्व सहयोगी (पायलट) ने भी झेली है।

कमलनाथ और थरूर दोनों को सुर अलग

सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ राम मंदिर को लेकर अलग बात बोल रहे हैं तो पार्टी के सांसद शशि थरूर अलग बोल रहे हैं। कमलनाथ का कहना है कि विवादित स्थल के के ताले राजीव गांधी ने खुलवाए थे। वहीं शशि थरूर का कह रहे हैं कि राजीव गांधी ने ताले नहीं खुलवाए। कांग्रेस नेताओं को ही स्पष्ट नहीं है कि क्या कहना है और क्या करना है। आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च महीने में ही कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का साथ थाम लिया था. फिलहाल वे बीजेपी कोटे पर राज्यसभा सांसद हैं।

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