MP News: जस्टिस शील नागू होंगे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश, अपने फैसलों को लेकर रहे चर्चाओं मे
Bhopal News: नए एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अब शील नागू उपस्थित होंगे। वर्तमान चीफ जस्टिस रवि मलिमठ 24 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 25 मई से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में शील नागू कार्यभार संभालेंगे। विधि मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की है। रवि मलिमठ ने 14 अक्टूबर 2021 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर कार्यभार संभाला था।
बता दे जस्टिस शील नागू 25 मई से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत होंगे। वे वर्तमान में हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में ही पदस्थ हैं। निवर्तमान चीफ जस्टिस रवि मलिमठ 24 मई 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने 14 अक्टूबर 2021 को चीफ जस्टिस के पद की शपथ ली थी।

जस्टिस नागू ने 2020 में हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में टीवी लगाने का फैसला सुनाया था। इस मामले में हत्या के प्रयास के आरोपी अरविंद पटेल और कमलेश पाल ने जमानत की अर्जी दायर की थी। दोनों ने 18 फरवरी 2020 को ग्वालियर जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र के गांव औरीना में बृजेश पाल के पैर में गोली मार दी थी। उस समय गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण स्थिति थी, जिसके कारण जस्टिस नागू ने अपने आदेश में टीवी चाइना मेड नहीं होनी चाहिए बताया था। इस प्रकार के फैसलों से याचिका लगाने वालों को न केवल राहत मिली, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए भी कुछ करने का मौका मिला।
पांच साल पहले सुनाया था बड़ा फैसला
आज भी लोग शील नागू के फैसलों पर चर्चा करते हैं। पांच साल पहले ग्वालियर में, उन्होंने केस के 36 फैसले सुनाए थे, जिनमें क्रिमिनल केसेस के आरोपियों को सशर्त जमानत दी गई थी और उन्हें 100-100 पौधे लगाने का आदेश दिया था। ये आरोपी ग्वालियर, गुना, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, और शिवपुरी जिले से थे। सभी पौधों की एक साल तक देखभाल का भी आदेश दिया गया था।
शील नागू ने आदेश में यह स्पष्ट किया कि पौधे छायादार और फलदार होंगे। उन्होंने ट्री-गार्ड की सुरक्षा की मांग की और नियमित पानी देने का आदेश दिया। ये सभी कवायदें 30 दिनों में पूरी की जानी चाहिए और रिपोर्ट को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में प्रस्तुत करना होगा। संबंधित जिले के वरिष्ठ सरकारी वकील को इसकी जांच करके रिपोर्ट तैयार करने के लिए निरीक्षण का काम दिया गया है, और फिर ट्रायल कोर्ट में देना होगा। अगर ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो जमानत रद्द कर दी जाएगी।
आदेश में एक अनूठी बात यह भी थी कि आरोपियों को उसी जगह पौधे लगाने के लिए कहा गया, जहां उन्होंने अपराध किया था। इन 36 मामलों में से अधिकांश आर्म्स और एक्साइज एक्ट के थे।
पौधों की फोटो निसर्ग एप पर अपलोड करने की शर्त, और वाटर हार्वेस्टिंग किट लगाने की भी आदेश दी गई है।












Click it and Unblock the Notifications