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MP News: जैन समाज के प्रति आकर्षित होते हुए सिंधिया ने अशोकनगर में लिया मुनि अविचलसागर महाराज का आशीर्वाद

MP News: केंद्रीय मंत्री और गुना-शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने चार दिवसीय प्रवास के दौरान अशोकनगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में एक भव्य आयोजन में हिस्सा लिया।

इस खास अवसर पर उन्होंने परम पूज्य 108 मुनि अविचलसागर महाराज से आशीर्वाद लिया और साथ ही समस्त जनता को हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दी।

Jain society Ashoknagar Jyotiraditya Scindia took blessings from Muni Avichalsagar in Ashoknagar

सिंधिया बोले - जैन समाज के प्रति आकर्षण का कारण उनकी साधना और अहिंसा है

सिंधिया ने इस मौके पर अपनी भावनाओं का इज़हार करते हुए कहा, "मैं जैन समाज के प्रति एक चुंबक (मैग्नेट) की तरह आकर्षित होता हूं। मेरा जन्म मराठा समाज में हुआ है, लेकिन मैं हमेशा से इस समाज के उस अद्वितीय योगदान और अहिंसा के सिद्धांत से प्रभावित रहा हूं। मेरी कोशिश हमेशा यही रही है कि कर्म से जैन बनूं, क्योंकि जैन समाज का जीवन बहुत ही साधारण, सच्चे और अहिंसात्मक होता है।"

महात्मा गांधी को याद करते हुए सिंधिया ने जैन समाज के योगदान की सराहना की

सिंधिया ने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए जैन समाज के योगदान को सलाम किया। उन्होंने कहा, "जैन समाज ने न केवल अपने समाज को, बल्कि पूरे विश्व को अहिंसा का संदेश दिया है। महात्मा गांधी जी ने भी अपनी पूरी जीवन यात्रा में जैन धर्म की विचारधारा को अपनाया था और अहिंसा के मार्ग पर चलने का निर्देश दिया। केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में, जैसे नेल्सन मंडेला भी अहिंसावादी सोच से प्रभावित हुए थे।"

"जियो और जीने दो" के सिद्धांत को अपनाने की आवश्यकता पर जोर

सिंधिया ने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "हमारे जीवन में त्याग की अहमियत सबसे अधिक है। संस्कृत में एक शब्द है 'मम' (मेरा), हमें इसे छोड़ने की जरूरत है। सच्चा मोक्ष तभी संभव है, जब हम त्याग की भावना को आत्मसात करें।" उन्होंने जैन समाज से जुड़ी अहिंसा और त्याग की विचारधारा को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

क्षमावाणी पर दिल से बातें करें, औपचारिकता से न निभाएं संवाद

सिंधिया ने क्षमावाणी पर्व की महिमा का भी जिक्र करते हुए कहा, "क्षमावाणी पर केवल व्हाट्सएप संदेश ही न भेजें, बल्कि दो लोगों से आत्मीयता से मिलकर बात करें। धर्म के क्षेत्र में औपचारिकता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। असली क्षमावाणी औपचारिकता नहीं, बल्कि अपनों से आत्मीय संवाद है। यह हमारे जीवन में अहिंसा और शांति लाने के लिए जरूरी है।"

वेटरनरी हॉस्पिटल की वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

सिंधिया ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में जैन समाज के योगदान की सराहना करते हुए "दयाभावन फाउंडेशन" द्वारा संचालित वेटरनरी हॉस्पिटल की वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन अब क्षेत्र में पशुओं की चिकित्सा सेवा प्रदान करेगी। सिंधिया ने इस पहल को सराहा और जैन समाज द्वारा इस क्षेत्र में किए गए दयालु और परोपकारी कार्यों की प्रशंसा की।

समाज के उत्थान में जैन धर्म का योगदान महत्वपूर्ण

सिंधिया के इस संबोधन और कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया गया। उन्होंने जैन धर्म की समाज सेवा, परोपकार और दयालुता की मिसाल दी और इसे समाज के लिए एक प्रेरणा बताया। इस कार्यक्रम ने न केवल जैन समाज के महान सिद्धांतों को उजागर किया, बल्कि अन्य समुदायों को भी अहिंसा, त्याग और सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

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