बेटे के निधन पर नहीं कराया मृत्युभोज, लोगों को पौधे भेंटकर परिजन बोले-'हमेशा जिंदा रहेगा बेटा'
इटारसी। मध्य प्रदेश के इटारसी के सोनासांवरी के एक परिवार ने अनूठी पहल की है, जिसने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है बल्कि समाज को भी इस तरह के कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। दरअलस, सोनासांवरी के पूर्व सरपंच के 29 साल के बेटे अतुल चौरे (गोल्डी) की हार्ट अटैक से 5 जुलाई को निधन हो गया था।

85 साल के दादा डॉ. जीडी चौरे और पिता राधारमन चौरे ने समाज को रसोई नहीं दी। इसके बदले श्रद्धांजलि सभा की गई। इसमें आने वाले हर व्यक्ति को एक-एक पौधा भेंट किया। पिता ने सभी कहा कि यह पौधा मेरे बेटे की स्मृति में आपको भेंट कर रहे हैं। इसे आप अपने घर के आंगन या आसपास जरूर लगाए जिससे मेरा बेटा हमेशा जिंदा रहे।
इस दौरान पर्यावरण को बढ़ावा देने एवं बेटे की स्मृति में 225 फलदार पौधों (कीमत 4000 रुपए) का वितरण किया गया। इसमें आम, कठहल, अमरूद, आंवला व जामुन के पौधे थे। बेटे की मौत से व्यथित पिता बोले, हार्ट की बीमारी का कोई भी लक्षण दिखे, चेकअप जरूर करवा लीजिए चाहे उम्र 25-30 की क्यों न हो। अतुल की मौत 5 जुलाई को निजि अस्पताल में हो गई थी।
इटारसी के रिटायर्ड शिक्षक एनपी चिमानिया ने बताया, मृत्यु भोज देने की बजाय समाज के कुछ परिवार ऐसे कार्य कर रहे हैं, जिससे दूसरों को प्रेरणा मिले। हमने भी कार्डिएक अरेस्ट में अपने 22 साल के बेटे राहुल को 2006 में खोया था। बेटे की स्मृति में हर साल जरूरमंद बच्चों को स्कॉरलशिप देते हैं। आज अमरूद का पौधा मिला जो सरदार पटेल भवन परिसर में लगवा देंगे।












Click it and Unblock the Notifications