Ishita Bhargava EPL: कैप्टन इशिता भार्गव को मिला इंडिया का पहला ईपीएल, क्या है इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस?
Ishita Bhargava EPL: मध्य प्रदेश के जबलपुर की कैप्टन इशिता भार्गव के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। इशिता भार्गव को भारत का पहला ईपीएल मिला है। चीन के बाद भारत ईपीएल जारी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है।
दरअसल, ईपीएल मतलब कमर्शियल पायटल को जारी किया जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस है, जिसे अब पायलट अपने मोबाइल में सेव करके भी रख सकते हैं। चीन की तरह भारत ने भी पायलटों को ईपीएल जारी करना शुरू किया है। पहला ईपीएल इशिता भार्गव को दिया है।

Ishita Bhargava EPL: 19 की उम्र में पायलट बन गई इशिता
बता दें कि इशिता भार्गव ने महज 19 साल की उम्र में ही कमर्शियल पायलट बनने में सफलता हासिल की। तीन साल तक प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ली और 100 घंटे की उड़ान का प्रशिक्षण लेने के बाद अब खुद अकेले प्लेन उड़ान लगी हैं।
मीडिया से बातचीत में इशिता भार्गव ने बताया कि बचपन में उनका सपना हवाई सफर करने का था। दूसरी कक्षा से पायलट बनने का ख्वाब देखने लगी थी। जान-पहचान के अन्य पायलट से इसके बारे में जानकारी ली।

Who is Ishita Bhargava: पिता ने सपना पूरा करने में किया सपोर्ट
पायलट बनने की बेसिक जानकारी हासिल करने के बाद इशिता ने अपने पापा से यह बात शेयर की। उन्हें बताया कि वे इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसे बहुत कम लोग चुनते हैं। पिता ने पूरा सपोर्ट किया।
पायलट बनने का बचपन का ख्वाब पूरा करने के लिए इशिता ने मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री पर पकड़ बनाई और स्कूल की पढ़ाई पूरी करते ही अकेडमी ज्वाइन कर ली थी। ट्रेनिंग के दौरान पहली बार उड़ान भरी तो वो अनुभव कभी नहीं भूल सकने वाला था।
इशतिा भार्गव ने ली 100 घंटे की ट्रेनिंग
इशिता भार्गव कहती हैं कि 100 घंटे की ट्रेनिंग के बाद जब मैं, मेरा एयरक्राफ्ट और खुला आसमां था तो जिम्मेदारी व हौसला बढ़ा हुआ था। अकेले उड़ान के दौरान जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। खुद को अंक्षांतर व देशांतर की दिशा व एयरक्राफ्ट की गति मेंटेन करनी होती है।
टीवी9 से बातचीत में इशिता भार्गव ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान ही यह सिखा दिया जाता है कि उड़ान के दौरान सफर में आने वाली दिक्कतों का सामना कैसे करना होता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अब EPL मिला है।
इशिता के पिता ने बताया कि बेटी बचपन में सही कहती थी कि उसे पायलट बनना है। शुरआत में तो हमें लगता था कि कम उम्र की वजह से वह ऐसा बोलती है, मगर बाद में उसका प्लेन और उड़ान की ओर रुझान देख हमने भी उसके ख्वाबों को पंख दे दिए। 2021 में उसने अकेडमी ज्वाइन की और तीन साल की ट्रेनिंग के बाद पायलट बन गई।
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