MP News: उज्जैन-बदनावर फोरलेन टोल प्लाजा पर मारपीट, बड़नगर रोड पर वाहन का कांच तोड़ा, वायरल हुआ वीडियो
MP News: मध्य प्रदेश के नवनिर्मित उज्जैन-बदनावर फोरलेन हाईवे पर खरसोद खुर्द के पास स्थित टोल प्लाजा पर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना ने सनसनी मचा दी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी में लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में एक वाहन का कांच तोड़े जाने की घटना भी कैद हुई है। हालांकि, विवाद का सटीक कारण और घटना की तारीख अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

वायरल वीडियो, टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में टोल प्लाजा पर गहमागहमी का माहौल दिखाई देता है। एक पक्ष में वाहन चालक और उनके परिजन हैं, जबकि दूसरा पक्ष टोल कर्मचारियों का प्रतीत होता है। वीडियो में कुछ लोग गुस्से में चिल्लाते और धक्का-मुक्की करते दिख रहे हैं। एक शख्स वाहन का कांच तोड़ता नजर आता है, जिससे वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे डर जाते हैं। वीडियो में टोल बूथ के आसपास कई लोग जमा हैं, और स्थिति तनावपूर्ण दिख रही है।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को 'टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी' करार दिया है। एक यूजर ने लिखा, "नए हाईवे का उद्घाटन हुए दो दिन नहीं बीते, और टोल कर्मचारियों की गुंडागर्दी शुरू हो गई।"
पुलिस की कार्रवाई: पांच आरोपी गिरफ्तार
बदनावर थाने के एसडीओपी एमएस परमार ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने अनुमान जताया कि विवाद का कारण टोल राशि को लेकर आपसी लेन-देन हो सकता है। "हमने वायरल वीडियो देखा है और इसकी जांच शुरू कर दी है। फरियादी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई शिकायत नहीं मिली। फिर भी, इंगोरिया पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए टोल संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है," परमार ने कहा।
उज्जैन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उज्जैन एसपी राहुल देशमुख ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि इंगोरिया पुलिस ने वीडियो के आधार पर टोल कर्मचारियों को हिरासत में लिया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने लिखा, "कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन पुलिस कटिबद्ध है।"
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में यह घटना 10 मई 2025 की प्रतीत हो रही है, लेकिन सटीक तारीख और समय की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं।
ये टोल प्लाजा और हाईवे कब शुरू हुआ
उज्जैन-बदनावर फोरलेन हाईवे का उद्घाटन 10 अप्रैल 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। 1,352 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह हाईवे भारतमाला परियोजना का हिस्सा है और उज्जैन से बदनावर के बीच यात्रा समय को काफी कम करता है। 69 किलोमीटर लंबा यह मार्ग धार्मिक नगरी उज्जैन को औद्योगिक क्षेत्र बदनावर से जोड़ता है, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, हाईवे शुरू होने के ढाई महीने के भीतर ही सुरक्षा और प्रबंधन के मुद्दे सामने आए हैं। मार्च 2025 में दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हाईवे पर 40 दिनों में 11 लोगों की मौत हादसों में हो चुकी है, जिसमें बदनावर से ढोलाना के बीच 13 किलोमीटर का हिस्सा सबसे खतरनाक बताया गया। खरसोद खुर्द के पास यह टोल प्लाजा भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जहां मारपीट की यह घटना हुई।
मध्य प्रदेश में टोल विवाद, एक पुरानी समस्या
मध्य प्रदेश में टोल प्लाजा पर विवाद और मारपीट की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। टोल राशि, छूट की मांग, या कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनती है। हाल के कुछ उदाहरण:
- मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के एक टोल प्लाजा पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ, जिसके बाद NHAI ने सख्त कार्रवाई की।
- अप्रैल 2024: हापुड़ (यूपी) के टोल प्लाजा पर एक महिला ने टोल कर्मचारी की पिटाई की, जिसका वीडियो वायरल हुआ।
- जून 2024: इंदौर के मानसिक अस्पताल को बम धमकी के बाद टोल विवाद की खबरें भी सामने आई थीं।
- स्थानीय लोग टोल कर्मचारियों के व्यवहार और टोल राशि की पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं। खरसोद खुर्द की इस घटना ने एक बार फिर टोल प्रबंधन की खामियों को उजागर किया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। कुछ यूजर्स ने टोल कर्मचारियों की 'गुंडागर्दी' की निंदा की, तो कुछ ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, "महिलाओं और बच्चों के सामने ऐसी हिंसा शर्मनाक है। टोल कंपनियों को अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना चाहिए।"
दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इस घटना को हाईवे पर बढ़ते असुरक्षा के माहौल से जोड़ा। एक यूजर ने टिप्पणी की, "नया हाईवे, लेकिन पुरानी समस्याएं। टोल पर मारपीट, हादसे, और ब्लैक स्पॉट-क्या यही विकास है?"
पुलिस और प्रशासन का रुख
उज्जैन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। एसपी राहुल देशमुख ने कहा, "हमने तत्काल कार्रवाई की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जांच पूरी की जाएगी।" पुलिस ने यह भी अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शिकायत के लिए थाने से संपर्क करें।
बदनावर के एसडीओपी परमार ने बताया कि टोल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है। "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विवाद की जड़ क्या थी। टोल कर्मचारियों के प्रशिक्षण और व्यवहार की भी जांच होगी।"
- यह घटना कई सवाल खड़े करती है: जैसे- टोल कर्मचारियों का व्यवहार, क्या टोल कंपनियां अपने कर्मचारियों को ग्राहक सेवा और विवाद प्रबंधन का प्रशिक्षण दे रही हैं?
- सुरक्षा: नए हाईवे पर टोल प्लाजा और सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
- पारदर्शिता: टोल राशि और छूट की नीतियों को लेकर जनता में जागरूकता की कमी क्यों है?
स्थानीय निवासी रमेश सोलंकी ने कहा, "टोल प्लाजा पर हर बार पैसे को लेकर बहस होती है। कर्मचारी अड़ियल रवैया अपनाते हैं, जिससे विवाद बढ़ता है। प्रशासन को सख्त नियम लागू करने चाहिए।"












Click it and Unblock the Notifications