MP News: सरकारी कर्मचारियों ने ये काम नहीं किया तो रोक दिया वेतन, आप भी जल्दी अपनी ID को लिंक कराएं
MP News: अगर आप मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारी हैं और अब तक आपने अपनी समग्र आईडी को आईएफएमआईएस (IFMIS) में अपडेट नहीं किया है, तो संभल जाइए। क्योंकि इस लापरवाही के कारण सीहोर जिले में 1,442 शासकीय सेवकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया है।
यह कदम जिला प्रशासन द्वारा शासन के सख्त निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिससे साफ संदेश मिल रहा है कि डिजिटल पहचान से खिलवाड़ अब नहीं चलेगा।

क्या है मामला?
प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले सभी शासकीय सेवकों के IFMIS कर्मचारी कोड को समग्र आईडी (Samagra ID) से लिंक करना अनिवार्य कर दिया था। इसका उद्देश्य कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड दुरुस्त करना और शासकीय योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
लेकिन सीहोर जिले में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अब तक इस कार्य में दिलचस्पी नहीं दिखाई। कलेक्टर बालागुरू के. ने इस पर सख्त रवैया अपनाते हुए स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है -
"जिन कर्मचारियों की समग्र आईडी अब तक लिंक नहीं हुई है, उनके मई माह का वेतन रोक दिया जाए और यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
MP government employees: जिले की स्थिति
- सीहोर जिले में कुल आहरण एवं संवितरण अधिकारी कार्यालय (DDO): 96
- कुल शासकीय कर्मचारी: 10,560
- अब तक समग्र ID लिंक नहीं करने वाले कर्मचारी: 1,442
- इस लापरवाही को शासन ने "प्रशासनिक उदासीनता और आदेश की अवहेलना" माना है।
क्या है समग्र ID और IFMIS प्रोफाइल लिंक करने का उद्देश्य?
समग्र आईडी, मध्य प्रदेश सरकार की एक यूनीक डिजिटल पहचान प्रणाली है, जिसमें व्यक्ति का सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक विवरण दर्ज होता है। वहीं IFMIS (Integrated Financial Management Information System) एक वित्तीय प्रणाली है, जिसमें कर्मचारियों का पूरा भुगतान रिकॉर्ड और सेवा विवरण रहता है।
दोनों को लिंक करने से:
- वेतन और भत्तों का वितरण पारदर्शी होगा
- भविष्य में धोखाधड़ी या दोहरी सेवाओं पर रोक लगेगी
- पेंशन और सेवा लाभों की प्रक्रिया स्वचालित और सटीक हो सकेगी
- सरकार का रुख: '90 प्रतिशत से कम लिंक वाले दफ्तरों पर भी कार्रवाई'
राज्य शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि: "जिन कार्यालयों में 90% से कम कर्मचारियों की समग्र आईडी लिंक है, उनके DDO (आहरण और संवितरण अधिकारी) की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उन पर भी वेतन रोकने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश लागू होंगे।" इसका मतलब है कि केवल कर्मचारी ही नहीं, अधिकारी भी अब जवाबदेह होंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी और कर्मचारी?
कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा: "यह कोई नया निर्देश नहीं है। कर्मचारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है। यह केवल एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसे सभी को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। जो कर्मचारी गंभीर नहीं हैं, वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।" वहीं कई कर्मचारी संघों ने इसे "अचानक लिया गया कठोर निर्णय" बताया है और समयसीमा बढ़ाने की मांग की है।
एक शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि ने कहा: "कुछ ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई कर्मचारियों से यह प्रक्रिया नहीं हो पाई है। सरकार को इसे अनिवार्य करने से पहले एक अंतिम समयसीमा और सहयोग तंत्र देना चाहिए।"
MP government employees; अब क्या करें कर्मचारी?
- यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं और अभी तक आपने अपनी समग्र ID को IFMIS प्रोफाइल में लिंक नहीं किया है, तो तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं:
- https://samagra.gov.in/ पर जाएं और अपनी समग्र ID नोट करें
- IFMIS पोर्टल में लॉगिन करें और अपनी एम्पलॉई प्रोफाइल अपडेट करें
- अपनी समग्र आईडी दर्ज कर सेव करें
- अपने DDO कार्यालय को सूचित करें कि आपने अपडेट कर दिया है
- अपडेट का स्क्रीनशॉट या रसीद सुरक्षित रखें
अब लापरवाही की नहीं, जिम्मेदारी की घड़ी है
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में यह कदम सही है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए कर्मचारियों और प्रशासन दोनों की सक्रियता जरूरी है। वेतन रुकने जैसी सजा किसी के लिए भी शुभ नहीं, लेकिन यह स्पष्ट है कि सरकार अब डिजिटल डाटा में अनुशासन चाहती है। जो इसमें चूके, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
रिपोर्ट: [ LN मालवीय ]












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