श्योपुर में नवनिर्वाचित महिला सदस्यों की जगह उनके पतियों ने ले ली शपथ
श्योपुर में विजयपुर जनपद पंचायत के लिए निर्वाचित हुए सदस्यों के लिए आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पत्नियों की जगह पतियों ने ली शपथ
श्योपुर, 17 अगस्त। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए हमारे देश को पूरे विश्व में पहचाना जाता है, लेकिन इसी लोकतंत्र का चंबल के श्पुयोर जिले में मजाक बना दिया गया है। श्योपुर में विजयपुर जनपद पंचायत के लिए महिला सदस्य निर्वाचित होकर आई थीं लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में महिलाओं की जगह उनके पतियों ने शपथ ग्रहण कर ली। यह सब प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में होता रहा।
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जनपद पंचायत विजयपुर का है मामला
यह पूरा मामला जनपद पंचायत विजयपुर से जुड़ा हुआ है। दरअसल पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव में जनपद पंचायत विजयपुर के लिए वार्ड 23 से अनीता कुशवाह निर्वाचित होकर आई, तो वार्ड 18 से सुनीता कुशवाह निर्वाचित होकर आई, जबकि वार्ड 14 से टीनू शर्मा निर्वाचित हुई, लेकिन जनता ने जिन्हें अपना वोट दिया उनके पतियों ने उन्हें शपथ तक ग्रहण नहीं करने दी।

पत्नियों की जगह पतियों ने ग्रहण की शपथ
15 अगस्त के दिन जनपद पंचायत विजयपुर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, लेकिन खास बात यह रही कि इस शपथ ग्रहण समारोह में महिला सदस्यों के शपथ लेने की बजाय उनके पतियों ने शपथ ली। वार्ड क्रमांक 14, वार्ड क्रमांक 18 और वार्ड क्रमांक 30 से जीतकर आई महिला सदस्यों के पतियों ने अपनी पत्नियों को शपथ ग्रहण समारोह में शपथ दिलाने की बजाय खुद ही शपथ ले ली।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ सब कुछ
जनपद पंचायत विजयपुर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस शपथ ग्रहण समारोह में महिला सदस्यों के स्थान पर उनके पतियों ने ही शपथ ग्रहण कर ली। खास बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही होता रहा। शपथ ग्रहण समारोह में विजयपुर के एसडीएम नीरज शर्मा और जनपद पंचायत विजयपुर के सीईओ बलवीर सिंह भी शामिल थे, लेकिन किसी ने इस बात को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
शपथ ग्रहण समारोह का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो की वजह से हड़कंप मच गया। जानकारी जब अधिकारियों के पास पहुंची तो अधिकारी इस पूरे मामले से कन्नी काटने लगे। अधिकारियों ने बताया कि वह तो सिर्फ स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम था लेकिन शपथ ग्रहण के वीडियो पर अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही लोकतंत्र का मजाक बना दिया गया।












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