Harda News: लोगों से भरी बस्ती के बीच कैसे चल रही थी पटाखा फैक्ट्री, रहवासियों ने किया बड़ा खुलासा
MP News: जिस पटाखा फैक्ट्री में इतना भीषण हादसा हुआ, वहां नियमों का पालन नहीं हो रहा था। हादसे के बाद कई लोगों ने फैक्ट्री संचालक को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए है।
नाम न देने की शर्त पर आईटीआई के पास रहने वाले एक रहवासी ने बताया कि उसके स्वजन इसी फैक्ट्री में काम करते थे। पिछले माह ही उन्होंने काम करना बंद कर दिया था। फैक्ट्री में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं था यहां तक की रोजाना कम पर जाने वाले मजदूर जैसे ही फैक्ट्री के अंदर जाते थे और बाहर से शटर लगा दी जाती थी।

हरदा जिला मुख्यालय पर घनी बस्ती के बीच यह पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि समय-समय पर कार्रवाई होने की बात की जा रही है, लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया गया अब जब इतना भीषण हादसा हो गया तो प्रशासन के जिम्मेदारों के लिए हड़सव फूल गए। समय रहते अगर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी सही से निभाते तो शायद यह फैक्ट्री आज बस्ती के बीच में नहीं होती।

बता दे मध्य प्रदेश के हरदा जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर बैरागढ़ गांव स्थित पताका फैक्ट्री में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई थी जिसके बाद 45 मिनट तक कई जोरदार धमाके हुए। धमाके इतने खतरनाक थी कि वहां मौजूद लोहे के उपकरण और कंक्रीट करीब 200 मीटर दूर तक उछलकर जा गिरे। इस हादसे में करीब 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार 48 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। वही मृतकों में कई के चीथड़े उड़कर घटनास्थल से काफी दूर तक बिखर गए थे। अब ऐसे शवों की पहचान की जा रही है।
वहीं देर शाम पुलिस ने पटाखा फैक्ट्री के मालिक को समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया सारंगपुर के पुलिस अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया की फैक्ट्री मालिक राजेश अग्रवाल सोमेश अग्रवाल और उनके सहयोगी रफीक खान कर से दिल्ली की तरफ भाग रहे थे सूचना मिलते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।












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