Gwalior News: सीएम मोहन यादव ने ग्वालियर में किया लाल टिपारा गौशाला में नई परियोजना का शुभारंभ
कुछ समय पहले हमसे एक गलती हुई। हमने देसी गौमाता को छोड़कर अपने देश में विदेशी नस्लों की गौमाता को महत्व दिया। हमें इस पाप की कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने देश के लोगों को देसी गौमाता के पालन के लिए प्रोत्साहित किया है, उनकी प्रेरणा से देश में एक बार फिर देसी गौमाता के संरक्षण के प्रति जागरूकता आई है और देसी गौशालाओं का महत्व बढ़ा है।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्वालियर में लाल टिपारा गौशाला में नई परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए कही। डॉ यादव ने गौशाला के विकास के लिए पांच करोड़ की सहायता निधि दिए जाने की भी घोषणा की। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर औल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी संबोधित किया।

गौमाता ने किया पालन, इसलिए भगवान कहलाए 'गोपाल कृष्ण'
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पांच हजार साल पहले जेल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। शुरुआत के समय भगवान का अपना जीवन तो कष्टप्रद था ही, उनके माता-पिता को भी अनेक कष्टों का सामना करना पड़ा। माता देवकी ने उन्हें जन्म देकर माता यशोदा के पास भेज दिया। माता यशोदा तो उनकी मां थी, लेकिन उनका पालन-पोषण गौमाता ने अपना दूध पिलाकर किया। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण 'गोपाल कृष्ण' कहलाए।
सरकार के साथ समाज की भागीदार जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगर निगम ने इस गौशाला की शुरुआत में सहयोग किया, लेकिन संतों और समाज के सहयोग के बिना इतना बड़ा काम होना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि हर काम सिर्फ सरकार के दम पर नहीं होते। उनके लिए समाज का सहयोग जरूरी होता है। श्री यादव ने कहा कि समाज के और आप सभी लोगों के सहयोग से आज लाल टिपारा गौशाला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की गौशालाओं के लिए एक उदाहरण बन सकी है। प्रदेश की अन्य नगर निगमों से भी उनके प्रतिनिधियों को लाल टिपारा गौशाला के अवलोकन के लिए भेजा जाएगा ताकि वे भी इस गौशाला से सीख सकें।

सीएनजी प्रोजेक्ट के साथ लाल टिपारा गौशाला में हुई नए अध्याय की शुरुआतः नरेंद्रसिंह तोमर
लाल टिपारा गौशाला के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 2004 में जब मैं ग्वालियर का प्रभारी मंत्री था और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर जी महापौर थे, तब गौशाला के संचालन की रूपरेखा बनी थी। नगर निगम गौशाला का संचालन कर रहा है, यह बहुत कठिन कार्य है। इस गौशाला की व्यवस्थाओं को और दुरूस्त करने के लिए महाराज जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। आज 31 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट के शुरू होने से गौशाला में सीएनजी के प्रोजेक्ट लगने से नए अध्याय की शुरूआत हुई है।
देश में गौमाता के संरक्षण की ज्योति जगाएगी लाल टिपारा गौशालाः ज्योतिरादित्य सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति में गौमाता का अमूल्य योगदान रहा है। गौमाता हमारी संस्कृति का प्राण है। गंगा हो, गोमती हो, गीता हो, गोविंद हो, गौ पालन हो, गौ सेवा हो और गौ दान हो, ये सभी हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग रहे हैं। हमारे देशवासी इसी महान परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी निभाते रहे हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा हमारे गांवों में बसती है। लेकिन हमारे गांवों की आत्मा गौ माता में बसती है।
सिंधिया ने कहा कि हम सभी संतों के चरणों में नमन करते हैं कि उन्होंने ग्वालियर को गौमाता के संरक्षण की दिशा दिखाई और लाल टिपारा गौशाला की स्थापना की। सिंधिया ने कहा कि यह देसी गौशाला एक आदर्श के रूप में देश और दुनिया में देसी गौ माता के संरक्षण की ज्येति जगाएगी। 31 करोड़ के सीएनजी प्लांट से जब गैस का उत्पादन होगा तो यह गौशाला सीएनजी के रूप में ऊर्जा उत्पादन कर प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देगी और संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्य को पूर्णता देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगी।












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