पढ़ाई एक जंग! MP के इस गांव में रस्सी के सहारे नदी पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे, देखें हैरान करने वाला Video
सागर, 22 जुलाई। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित राजनीति के राजा-महाराजाओं के प्रभाव वाले क्षेत्र से हैरान कर देने वाली तस्वीरें आई हैं। मप्र के गुजा जिले के राधोगढ़ इलाके में नदी पर पुल न होने से स्कूल के बच्चे उफनती नदी को रस्सी के सहारे पार करके स्कूल जाते हैं। कई दफा तो बच्चे नदी में गिर गए, जिन्हें बमुश्किल बचाया जा सका। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Recommended Video

गुना जिले के गोचापुरा के 60 परिवारों के स्कूली बच्चे और ग्रामीण नदी को पार करने के लिए रस्सी का सहारा लेते हैं, क्योंकि गोचा नदी पर आज तक पुल नहीं बनाया गया है। इस गांव के सहरिया और बंजारा समुदाय के लोग पिछले 30 साल से आवेदन दे रहे हैं, उसके बाद भी पुल का निर्माण नहीं किया गया।

राधोगढ़ ब्लाक की गोचा आमल्या पंचायत के हाल
जानकारी अनुसार गुना जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी दूर राधोगढ़ ब्लाक की गोचा आमल्या पंचायत के गोचापुरा में सहरिया-आदिवासी और बंजारों की बस्ती है। जहां 60 घर बने हुए है। बीते रोज इस गांव से जगदीश बंजारा अपनी बेटी पूजा भील और पत्नी बनीबाई के साथ निकले। इस दौरान गोचा नदी के दोनों ओर पेड़ से बंधी एक रस्सी को उसने पकड़ा तो दूसरी रस्सी पर वह चलने लगी। जगदीश अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर दूसरे छोर पर खड़ा था, तो वहीं मां बनीबाई दूसरे छोर पर टकटकी लगाकर बेटी को देख रही थी। साथ ही बेटी से कह रही थी कि रस्सी को अच्छे पकड़ना बेटी पैर न फिसल जाए। हालांकि इस गांव के बच्चे हर रोज खतरों से खेलकर जामनेर और दूसरे गांव में पढने जाते है।
कान्हा नदी में गिरा तो ग्रामीण बचाने कूद गए
गोचा गांव के जितेंद्र सहरिया का कहना है कि जब नदी उफान पर होती है, तो रस्सियां भी डूब जाती है, ऐसे में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं, लेकिन कई बार बच्चों का रस्सी पर से पैर फिसल जाने की वजह से नदी में गिर जाते है। ऐसी एक घटना कान्हा के साथ भी हुई, जिसे बचाने जगदीश नदी में कूद गया।
नेता-अधिकारी खूब आए, पुल का आश्वासन मिला, लेकिन बना नहीं
स्थानीय निवासी नारायण का कहना है कि गोचा नदी पर पुल बनाने को लेकर पिछले 30 साल से आवेदन तहसील और एसडीएम कार्यालय को दे रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी पुल का निर्माण नहीं हुआ है। जिसकी वजह से गोचापुरा गांव के 25 बच्चों की जिदंगी खतरे में है, लेकिन बच्चों को शिक्षित करने के लिए वह जान जोखिम में डालकर हर रोज रस्सी के सहारे जामनेर और ग्राम पंचायत गोचा आमल्या में ले जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications