मध्य प्रदेश को कौशल युक्त-बेरोजगार मुक्त बनाने का लिया संकल्प: गौतम टेटवाल
Madhya Pradesh News: कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश को कौशल युक्त-बेरोजगार मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। मंत्री ने कहा कि इसके लिए सभी बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी मिलकर कार्य करेंगे तो लक्ष्य को जल्द पूरा किया जा सकेगा। दरअसल, यह बात उन्होंने आईटीआई भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कही।
इस दौरान उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में संकल्प योजनार्न्गत यूएन-वूमेन एवं मध्यप्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड में बीच आदिवासी बहुल जिलों में बालिकाओ को तकनीकी शिक्षा देने के उद्देश्य से एमओयू हुआ। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जो एमओयू हुआ है, उसका लक्ष्य बालाघाट, मंडला, डिण्डोरी और छिंदवाड़ा सहति 12 आदिवासी बहुल जिलों में एक हजार बालिकाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देना है।

कौशल विकास राज्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 परंपरागत व्यवसायों में संलग्न कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केबिनेट की पहली बैठक में ही 22 नए आईटीआई बनाने की मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में 6 हजार विद्यार्थी प्रशिक्षण ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 8 से 10 हजार रूपये तक का स्टायपेंड दिया जा रहा है। इस दौरान राज्यमंत्री ने रोजगार मेले में चयनित युवाओं में से 5 युवाओं को आफर लेटर प्रदान किये। साथ ही, युवा दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राओं को पुरस्कार राशि के चेक और प्रमाण-पत्र दिए।
उन्होंने विभिन्न बोर्डों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर कार्यों की जानकार ली। राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि जिन 12 जिलों के लिए एमओयू हुआ है, वहां पर रोजगार मेलों में 50 प्रतिशत रोजगार महिलाओं को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी वर्ग की बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।












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