Balaghat News: कड़ी पकौड़ों ने स्कूली बच्चों को पहुंचा दिया अस्पताल, फूड प्वाइजनिंग से आधा सैकड़ा बच्चे बीमार
बालाघाट, 08 सितंबर: मप्र के बालाघाट में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के बच्चों की मिड डे मील खाने के बाद हालत बिगड़ गई। बताया गया कि मध्यान्ह भोजन में कड़ी-पकौड़ा भी परोसा गया था, जिसे खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे। फूड प्वाइजनिंग की खबर प्रशासन को लगी तो आनन-फानन में पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। करीब आधा सैकड़ा बच्चे बीमार हुए हैं। प्रशासन ने भोजन का सैम्पल जांच के लिए भिजवाया हैं।

खाना खाते ही होने लगी उल्टियां
मप्र के बालाघाट जिले में तिरोड़ी तहसील के शासकीय नवीन प्राथमिक स्कूल में यह मामला सामने आया। रोज की तरह बच्चे स्कूल आए थे और मध्यान्ह भोजन के वक्त खाना खाने बैठे। इसी दौरान बच्चों को कड़ी भी परोसी गई। खाना खाने के कुछ देर बाद एक एक करके बच्चों को उल्टियाँ होने लगी। कुछ बच्चों को लगातार दस्त की शिकायत भी रही। फ़ौरन इस बात की जानकारी बच्चों के परिजनों को दी गई।

सूचना मिलते ही प्रशासन आया हरकत में
शुरू में तो स्कूल प्रबंधन घटना को सामान्य मान रहा था, लेकिन जैसे ही बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी तो यह सूचना प्रशासन तक पहुँच गई। जिसके बाद आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी कटंगी के सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। जहां लगभग 55 बच्चों को भर्ती किया गया हैं। सभी को बीमारी के एक तरह के ही लक्षण हैं। हालांकि रात तक कई बच्चों की हालत में सुधार भी देखा गया। जो बच्चे गंभीर हैं, चिकित्सक उन पर नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती तौर पर चिकित्सक भी इसे फूड प्वाइजनिंग ही मान रहे है।

स्कूल पहुंचे SDM, बीआरसी और अधिकारी
घटना की खबर लगने के कुछ ही देर बाद शिक्षा विभाग में भी हडकंप मच गया। एसडीएम कामिनी ठाकुर के साथ बीआरसी रवींद्र हरिनखेडे और पुलिस अधिकारी स्कूल पहुंचे। जिस स्थान पर बच्चे खाना खा रहे थे और जो भोजन परोसा गया उसकी पड़ताल की गई। प्रशासन ने गुरूवार को वितरित किए गए मिड डे मील का सेम्पल जांच के लिए भिजवाया हैं। साथ ही स्कूल प्रबंधन और भोजन वितरित करने वाली संस्था को नोटिस जारी किया है।

स्कूल के शिक्षकों और पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज
प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। जिस स्कूल में यह घटनाक्रम हुआ उसके स्टाफ और पीड़ित बच्चों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। वही बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भोजन परोसने के पहले स्कूल प्रबंधन वितरित होने वाले भोजन की जांच क्यों नहीं करता। इस क्षेत्र में पहले भी कई स्कूलों में इस तरह की घटनाएँ हो चुकी हैं।

सवालों के घेरे में है प्रदेश में पोषण आहार
मप्र में पोषण आहार की गुणवत्ता और वितरण पहले से बड़े घोटाले के आरोप में घिरा हैं। पिछले दिनों अकाउंटेंट जनरल की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ था कि किस तरह मप्र में मिड डे मील के नाम पर धांधली की जा रही हैं। गुणवत्ता को लेकर भी महिला बाल विकास विभाग और कई जिलों के मिड डे मील समन्वयक सवालों के घेरे में हैं। बाबजूद इसके स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। स्कूलों में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ हो रहा हैं।












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