मप्र: खेतों में जरुरत से ज्यादा हो गई ये सब्जी, किसान फेंक आए सडकों पर
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित महू इलाके के किसान एक बार फिर कद्दू के दो गुना से ज्यादा उत्पादन से परेशान हैं। कद्दू के उत्पादन ने किसानों की हालत खराब कर दी है। पिछले 3 महीनों के दौरान अलग-अलग इलाके में जो भी कद्दू की फसल आई है, उसका अब तक किसानों को सही दाम नहीं मिला पा रहा है। सामान्यतौर पर 5 से 6 गुना तक कम दाम पर बिकने वाला कद्दू अब 8 से 10 गुना कम दाम पर बिक रहा है।

लिहाजा, अब किसान कद्दू को मंडी में बेचने के बजाए सड़क किनारे फेंक रहे हैं। महू के जामली, पलासिया, मेण और मानपुर इलाके में सड़क किनारे कद्दू को फेंका जा रहा है। इंदौर जिले में सबसे ज्यादा कद्दू का उत्पादन महू में होता है। यहां करीब एक लाख टन कद्दू उगाया जाता है। जिसके साथ करीब 3 हजार किसान जुड़े हुए हैं। महू का कद्दू दिल्ली और उत्तर भारत के कई राज्यों में भेजा जाता है। लेकिन इस बार उत्पादन तो अच्छा हुआ है। लेकिन भाव ना के बराबर मिल रहे हैं जिस कारण किसान नाराज है।
वहीं दूसरी ओर इंदौर मंडी की हालत खराब है। मांग से ज्यादा कद्दू मंडी में आने की वजह से गाड़ियां खाली नहीं हो पा रही हैं। थोक व्यापारियों ने किसानों से कद्दू खरीदने से इंकार कर दिया है। इसके अलावा कद्दू को लेकर प्रशासन की ओर से अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि, ये पहला मौका नहीं है, जब किसानों को उनकी लागत का दाम नहीं मिल पाया है। हाल के दिनों में प्याज और लहसुन का ज्यादा उत्पादन होने की वजह से भी यही हालात बने थे। किसान आंदोलन के दौरान प्याज उत्पादक किसानों ने खासा हंगामा किया था। इसी वजह से सरकार को प्याज को 8 रुपए प्रति किलों के हिसाब से खरीदना पड़ा था।
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