खुदाई चल रही थी तभी रानी विक्टोरिया के जमाने का निकलने लगा खजाना, 'मजदूरो' की आंखें ऐसी चौंधियाईं की लड़ बैठे
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में खाली पड़े एक प्लाट की खुदाई के दौरान 150 साल पुराने महारानी विक्टोरिया शासन काल के चांदी के सिक्के मिलने से उन्हें पाने की होड़ मच गई। जिसके जो हाथ लगा वह लेकर रफूचक्कर हो गया।
जानकारी अनुसार, इस खजाने को लेने के लिए पड़ोसी और मजदूर की आपस में मारपीट तक हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंचा। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया तो पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से अभी 7 चांदी के सिक्के बरामद कर पाई है। पुलिस के मुताबिक, अभी मामले की जांच चल रही है।

बताया जा रहा है इंदरगंज थाना क्षेत्र के खल्लासीपुरा मोहल्ले में हरीश सिंह बघेल नाम के जमीन खरीदा था। इसी जमीन पर मकान बनाने का काम चल रहा था जिसके लिए प्लांट में नींव की खुदाई की जा रही थी। जब मजदूर खुदाई का काम कर रहे थे। तभी जमीन में गढ़े चांदी के सिक्कों पर एक मजदूर की नजर पड़ी और वह उन्हें लेने के लिए झपटा।
जिसे देखकर अन्य मजदूर भी इस ओर दौड़ पड़े। सिक्कों के बंटवारे को लेकर मजदूर में विवाद हो गया इस विवाद को सुलझाने के लिए वहां कुछ लोग पहुंच गए। तभी मजदूरों ने मौके से रफू चक्कर हो गए।
बताया जा रहा है कि जब सिक्के लेकर मजदूर अलग-अलग भागने लगे तभी एक पड़ोसी ने भी कुछ मजदूर को पकड़ लिया और उनसे खुदाई में मिले सिक्कों पर हाथ साफ कर दिया। जब पुलिस को इस बात को सूचना मिली तो उन्होंने कुछ मजदूरों को उनको ठिकाने से और उसे पड़ोसी को भी उठा लिया है।
पुलिस का कहना है कि सभी से पूछताछ की जा रही है जल्दी ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। पुरातत्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। बता दें कि यह प्लॉट हरीश सिंह बघेल का है जिसके परिवार ने कई साल पहले यह प्लॉट प्रिंस पाल से खरीदा था
भूस्वामी हरीश सिंह बघेल की मानें तो करीब 35 से 40 सिक्के जमीन से निकले थे जिनका मौके पर ही बंदरबांट हो गया था और मजदूर भी मौके से भाग गए हैं। लेकिन वे उस समय वहां मौजूद नहीं थे। वहीं पुलिस ने अभी 7 सिक्के ही बरामद कर पाई है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए सिक्के लगभग 150 साल पुराने और अलग-अलग साल के बताए जा रहे हैं। ये सिक्के सन 1885 के बताए जा रहे हैं जिस पर विक्टोरिया का साइन है।












Click it and Unblock the Notifications