मुझे न्याय दो साहब, मंदसौर कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुजुर्ग किसान ने लगाई लोट, वीडियो हुआ वायरल
मध्य प्रदेश में न्याय पानी के लिए बुजुर्ग और किसानों को अलग-अलग फार्मूले आजमाने पड़ते हैं। दरअसल, मंदसौर जिले एक वीडियो सामने आया है, जहां पर एक लाचार बुजुर्ग किसान कलेक्ट कार्यालय में लोटते हुए अपनी फरियाद लेकर जनसुनवाई में पहुंचा।
लोट लगाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो में जो बुजुर्ग दिख रहा है, वह 65 साल के किशन शंकर लाल पाटीदार हैं। बुजुर्ग किसान का कहना है कि उनकी 1.76 हेक्टर जमीन को धोखे से कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाबू ने अपने बेटे के नाम करवा दी है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

वहीं इस मामले पर तहसीलदार सीतामऊ मनोहर लाल वर्मा का कहना है कि यह एक पारिवारिक विवाद है और दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही फैसला सुनाया जाएगा।
बाबू देशमुख पर आरोप
बुजुर्ग किसान द्वारा आरोप लगाया गया है कि कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू देशमुख ने उनकी जमीन को अपने बेटे अश्विनी देशमुख के नाम पर करवा लिया है। उन्होंने इसके साथ ही दावा किया है कि उनके पास धोखाधड़ी के सबूत मौजूद हैं। इस मामले में शंकरलाल पाटीदार ने बताया कि वे ने अपनी जमीन को कभी नहीं बेचा है, लेकिन उनके परिजनों ने 2010 में जमीन का नामांतरण करवा दिया था। उन्हें अपनी पैतृक जमीन की वापसी की इच्छा है, लेकिन उन्हें डर है कि जमीन को हड़पने वाले उन्हें मार सकते हैं।
शंकरलाल 2010 से अपनी जमीन के लिए कर रहे संघर्ष
शंकरलाल पाटीदार सीतामऊ के साखतली गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया है कि 2010 से वे अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने 25 से अधिक बार जनसुनवाई में आवेदन दिया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।












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