Bhopal News: साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत, रिटायर्ड अधिकारी के साथ हुई ठगी की पहली शिकायत दर्ज
रविवार को भोपाल के सभी 37 नगरीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। इस नई व्यवस्था के तहत, हबीबगंज थाने में रिटायर्ड असिस्टेंट डायरेक्टर जय गोविंद ने पहली साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
ठगी का तरीका: रिटायर्ड अधिकारी जय गोविंद (65) हबीबगंज की लाला लाजपतराय सोसाइटी में रहते हैं। उन्होंने स्नैपडील से 250 रुपए का एक प्रोडक्ट ऑर्डर किया था, लेकिन तय समय में डिलीवरी नहीं हुई।

इसके बाद, उन्होंने गूगल से स्नैपडील का नंबर खोजा और कॉल किया। कॉल करने वाले ने खुद को स्नैपडील कॉल सेंटर का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके ऑर्डर का अमाउंट कंपनी को नहीं मिला है, जिसे ऑनलाइन ट्रांसफर करना है।
जय गोविंद ने आरोपी से कहा कि उन्होंने पहले ही पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं। इसके बाद आरोपी ने एक वेब लिंक भेजा और कहा कि उसे ओपन करें और दिए गए इंस्ट्रक्शंस का पालन करें।
खाते से पैसे की निकासी: उन्होंने आरोपी के द्वारा भेजे गए लिंक को ओपन किया और दिए गए इंस्ट्रक्शंस का पालन किया। इसके बाद उनके खाते से तीन बार में कुल 1.50 लाख रुपए निकाले गए। जब उन्होंने फिर से आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो कॉल नहीं लगी और यह सामने आया कि आरोपी स्नैपडील का कर्मचारी नहीं था।
साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत: इस ठगी के बाद, पुलिस कमिश्नर हरीनारायणचारी मिश्रा ने हबीबगंज थाने में साइबर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इस हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी 400 पुलिस कर्मचारियों को सौंपी गई है, जिन्हें 6 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
शिकायत और रिफंड की प्रक्रिया: साइबर हेल्प डेस्क के तहत पीड़ित 5 लाख रुपए तक के फ्रॉड की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के बाद, साइबर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है और पीड़ित के पैसे को होल्ड कर देती है, जिससे रिफंड की संभावना बढ़ जाती है। यह व्यवस्था साइबर क्राइम के मामलों को जल्दी सुलझाने और पीड़ितों की मदद करने के लिए शुरू की गई है, ताकि उनकी शिकायतें पेंडिंग न रहें।
इस पहल से साइबर ठगी से बचाव और पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है।












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