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MP News: राहुल गांधी ने ऐसा क्यों कहा- भारत की अर्थव्यवस्था कुछ उद्योगपतियों के हाथ में, जानिए

मध्य प्रदेश के धार जिले के ऐतिहासिक स्थल मांडू में मध्य प्रदेश कांग्रेस का दो दिवसीय नव संकल्प शिविर 20 जुलाई को शुरू हुआ। इस शिविर का उद्देश्य 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारी और संगठन को मजबूत करना है। शिविर के पहले दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वर्चुअल माध्यम से विधायकों को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों में सिमट गई है, जिससे हर वर्ग परेशान है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में जातिगत जनगणना कराने, शासकीय नौकरियों में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और महिलाओं को अवसर देने, और भाजपा की कथित नफरत की राजनीति के खिलाफ आंदोलन की बात कही।

Congress Nav Sankalp camp in Mandu Rahul Gandhi said- India economy is dependent on industrialists

शिविर का शुभारंभ ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (वर्चुअल), कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, प्रेरक वक्ता सोनू शर्मा, और मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवंदेव इसरानी ने विभिन्न सत्रों में अपने विचार साझा किए। कांग्रेस के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता इस शिविर में मौजूद रहे।

राहुल गांधी का संबोधन: अर्थव्यवस्था, जातिगत जनगणना और चुनावी चोरी का आरोप

राहुल गांधी ने अपने वर्चुअल संबोधन में केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था दो-चार उद्योगपतियों के हाथ में चली गई है। इससे किसान, मजदूर, युवा, और हर वर्ग परेशान है। भाजपा की नीतियां देश में नफरत और विभाजन को बढ़ावा दे रही हैं।" उन्होंने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर जातिगत जनगणना कराने का वादा किया, ताकि दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, और महिलाओं को शासकीय नौकरियों और योजनाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिले।

राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई, और मध्य प्रदेश में भी चुनाव चोरी की आशंका है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भिड़कर चुनावी तैयारी करनी होगी।" उन्होंने वरिष्ठ और युवा नेताओं से सामंजस्य बनाकर संगठन को मजबूत करने और सड़क पर आंदोलन करने का आह्वान किया। राहुल ने इस तरह के शिविरों को नियमित रूप से आयोजित करने की सलाह दी ताकि कार्यकर्ताओं और नेताओं में नई ऊर्जा का संचार हो।

हरीश चौधरी: जातिगत जनगणना राहुल गांधी की बड़ी सोच

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने अपने संबोधन में डिजिटल युग में संगठन की रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "2028 का विधानसभा चुनाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से प्रभावित होगा। हमें सोशल मीडिया को हथियार बनाना होगा और अपनी सोच को बदलना होगा।" चौधरी ने संगठन में एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि व्यक्तिगत जिद छोड़कर पार्टी को प्राथमिकता देनी होगी।

उन्होंने राहुल गांधी की जातिगत जनगणना की मांग को उनकी सबसे बड़ी देन बताया। चौधरी ने कहा, "जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समाज के हर वर्ग को उचित अवसर प्रदान करेगा।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने की अपील की।

उमंग सिंघार: घोटालों से घिरी भाजपा, जनता को न्याय का संकल्प

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार को घोटालों और जनता के शोषण के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "भाजपा की सरकार घोटालों से घिरी है। किसान खाद के लिए मारा-मारा फिर रहा है, और जनता त्रस्त है। यह शिविर महिलाओं, युवाओं, गरीबों, आदिवासियों, और हर नागरिक की खुशहाली के लिए एक नव संकल्प है।"

सिंघार ने विधायकों से जनता के मुद्दों को विधानसभा और सड़क पर उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता की आवाज बनकर उनके हक के लिए लड़ना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने की सलाह दी।

जीतू पटवारी: पार्टी शरीर, विधायक चेहरा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिविर में विधायकों को संगठन की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा, "पार्टी शरीर है, और विधायक उसका चेहरा। हमारे पास 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए तीन साल और चार महीने का समय है। यह कांग्रेस के लिए परीक्षा की घड़ी है, और हमें इसे पास करना है।"

पटवारी ने कार्यकर्ताओं और विधायकों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वापसी तभी संभव होगी, जब सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर जनता के मुद्दों को उठाएं। उन्होंने बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया, और जनसंपर्क पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

कमलनाथ: नौजवानों और किसानों के लिए चुनौती भरा समय

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वर्चुअल रूप से शिविर को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "यह समय नौजवानों और किसानों के लिए चुनौती भरा है। मध्य प्रदेश में निवेश लाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। निवेश आकर्षण से आता है, डिमांड से नहीं।"

कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर बेरोजगारी और किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और उनके लिए वैकल्पिक नीतियां प्रस्तुत करनी होंगी। उन्होंने विधायकों से जनता के बीच सक्रिय रहने और उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाने की सलाह दी।

विवेक तन्खा: ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग, कानूनी लड़ाई की जरूरत

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "ईडी और सीबीआई सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं। हमें कांग्रेस के लीगल डिपार्टमेंट को मजबूत करना होगा और बार काउंसिल के सदस्यों को इसमें शामिल करना होगा।"

तन्खा ने बताया कि उन्होंने 17 वकीलों की एक कानूनी टीम तैयार की है, जो कार्यकर्ताओं और नेताओं की कानूनी मदद करेगी। उन्होंने कहा, "हमें डरने की बजाय कानून का सहारा लेना होगा। हमें अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।" तन्खा ने कार्यकर्ताओं से बिना डर के जनता के मुद्दों को उठाने और कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील की।

अन्य वक्ताओं के विचार

प्रेरक वक्ता सोनू शर्मा ने विधायकों और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए संगठनात्मक एकता और नेतृत्व की महत्ता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और मेहनत से ही कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपनी खोई जमीन वापस पा सकती है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवंदेव इसरानी ने विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही और नियमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विधायकों को जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक सुझाव दिए।

शिविर का दूसरा दिन: आगे की रणनीति

शिविर के दूसरे दिन, 21 जुलाई 2025 को, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार विधायकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस दिन बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया रणनीति, और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए रोडमैप तैयार करने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा होगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य न केवल नेताओं को प्रेरित करना है, बल्कि एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि 2028 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने। इसके लिए हमें अभी से जमीनी स्तर पर काम शुरू करना होगा।"

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