एमपी में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस ने बनाया धांसू प्लान, लगाएगी कैराना वाला फॉर्मूला
नई दिल्ली। इस साल बीजेपी शासित तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस इन चुनावों से पहले बीजेपी को मात देने के लिए खास प्लान तैयार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस मध्य प्रदेश में बीएसपी के साथ समझौता कर सकती है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पिछले कुछ समय से मायावती के संपर्क में हैं। हाल ही में यूपी में सपा-बसपा और कांग्रेस के गठबंधन लगातार दो उपचुनावों में बीजेपी को करारी शिकस्त दी है। मध्य प्रदेश में 15 फीसदी दलित वोट है। वहीं बीएसपी चंबल और यूपी से सटे इलाकों में खासा प्रभाव रखती है। अगर दोनों पार्टियां साथ आती है तो फायदा निश्चित तौर पर होगा।

बीजेपी के गणित बिगाड़ने के लिए कांग्रेस और बीएसपी दो अहम फॉर्मूले पर काम कर रही
मध्य प्रदेश में बीजेपी के गणित बिगाड़ने के लिए कांग्रेस और बीएसपी दो अहम फॉर्मूले पर काम कर रही है। पहला : चुनाव से पहले ही दोनों पार्टियां गठबंधन करना चाहती हैं। ताकि इस गठबंधन पर जनता की राय का पता लग सके। कि इस गठबंधन से कांग्रेस को चुनावों में कितना फायदा पहुंचेगा। दूसरा: कांग्रेस और बीएसपी भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए कांग्रेस और बसपा हर सीट पर उसी जाति के उम्मीदवार को खड़ा करे जिसे बीजेपी खड़ा करने वाली है। इससे एक ओर जहां बीजेपी क वोट बैंक टूटेगा तो वहीं जातीय समीकरण भी बिंगड़ेगे। जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को होगा।

पिछले चुनावों में बीएसपी की वजह से कई सीटों पर हार गई थी कांग्रेस
अगर आंकड़ो को देखें तो 2003 में 230 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस को मात्र 38 सीटें मिली थी, वहीं बीएसपी के खाते में मात्र 4 सीटें आई थीं। इस चुनाव में 25 सीटें वे थी जो कांग्रेस बीएसपी के चलते हार गई थी। वहीं बसपा 14 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों द्वारा वोट काटने के कारण हार गई थी। वहीं 2008 के चुनाव में कांग्रेस की सीटों इजाफा हुआ और आंकड़ा 71 पर पहुंच गया। लेकिन कांग्रेस को 39 सीटें पर बसपा उम्मीदवारों के चलते हार का सामना करना पड़ा। जबकि बीएसपी के खाते में 3 सीटों का इजाफा हुआ आंकड़ा 7 पर पहुंच गया। लेकिन 14 सीटों पर कांग्रेस के कराण उसे नुकसान उठाना पड़ा।

2013 के चुनावों में दोनों ही पार्टियों के समीकरण गड़बड़ा गए
वहीं 2013 के चुनावों में दोनों ही पार्टियों के समीकरण गड़बड़ा गए। इन चुनावों में कांग्रेस 71 से फिसलकर 58 पर आ गई तो वहीं बीएसपी 7 से फिसलकर 4 पर आ गई। इस चुनाव में भी कांग्रेस तीन दर्जन से अधिक ऐसी सीटें थी जो कांग्रेस बीएसपी के कारण हार गई। वहीं बीएसपी को 11 सीटों पर कांग्रेस के कारण नुकसान उठाना पड़ा। आगामी चुनावों में कांग्रेस गठबंधन के तहत बीएसपी को 15 सीटे दे सकती है। जिनमें 4 सीटें वह हैं जो वह जीती थी और 11 सीटें वे होंगी जिनपर बीएसपी दूसरे नंबर पर रही थी।












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