Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: अलीराजपुर कलेक्टर बेडेकर का VIDEO वायरल, आम के दाम सुन मंडी सचिव को फटकार, बोले-धंधा नहीं करने दूंगा

MP News: मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले की कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ हो रही लूट ने एक बार फिर प्रशासन और मंडी व्यवस्था की पोल खोल दी। 20 मई 2025 को कलेक्टर अभय बेडेकर के औचक निरीक्षण के दौरान जब पता चला कि आम जैसे नकदी फसल को 4.50-6 रुपये प्रति किलो के भाव बेचा जा रहा है, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

कलेक्टर ने मंडी सचिव और व्यापारियों को साठगांठ के लिए जमकर फटकार लगाई और चेतावनी दी, "मैं तुम्हारा यह लूट का धंधा नहीं चलने दूंगा! जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है" यह घटना किसानों की रोजमर्रा की पीड़ा को उजागर करती है, जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कमी, मंडी में अनियमितताएं, और प्रशासनिक ढिलाई उनकी मेहनत को बर्बाद कर रही है।

Collector Bedekar video goes viral in Alirajpur reprimands Mandi Secretary over mango prices

मंडी में क्या हुआ? पूरी कहानी

अलीराजपुर, मध्य प्रदेश का एक आदिवासी बहुल जिला, जहां आम की खेती किसानों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। केसर, लंगड़ा, और दशहरी जैसे आम की किस्में मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, और दुबई तक निर्यात होती हैं। लेकिन स्थानीय मंडी में किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम नहीं मिल रहा। 20 मई 2025 को कलेक्टर अभय बेडेकर ने कृषि उपज मंडी, अलीराजपुर का औचक दौरा किया। यह निरीक्षण कृषि मंत्री की हालिया मंडी यात्रा के बाद हुआ, जहां किसानों ने कम दाम और व्यापारियों की मनमानी की शिकायत की थी।

हैरान करने वाला खुलासा

कलेक्टर ने देखा कि आम की बोली 4.50 रुपये प्रति किलो से शुरू हो रही थी, जो कुछ मामलों में 6 रुपये तक पहुंची। किसानों ने बताया कि उत्पादन लागत (खाद, पानी, मजदूरी, परिवहन) 10-12 रुपये/किलो तक है। इतने कम दाम में वे घाटा उठा रहे हैं।

Collector Bedekar video: किसानों की पीड़ा

नानजी भाई, एक स्थानीय किसान, ने कहा, "हम रात-दिन मेहनत करते हैं। आम की खेती में लागत ज्यादा लगती है, लेकिन मंडी में 4-5 रुपये मिलते हैं। व्यापारी 20-30 रुपये/किलो बेचते हैं। यह लूट नहीं तो क्या है?"

Collector Bedekar video goes viral in Alirajpur reprimands Mandi Secretary over mango prices

कलेक्टर बेडेकर का सख्त रुख

कलेक्टर अभय बेडेकर, जो अपनी कामकाज की सख्ती के लिए जाने जाते हैं, ने मंडी सचिव और व्यापारियों को सार्वजनिक रूप से लताड़ा। उन्होंने कहा:"यह क्या तमाशा है? किसानों की मेहनत को 4-6 रुपये में बेच रहे हो? लागत भी नहीं निकल रही। यह लूट का धंधा बंद होगा, वरना मैं मंडी का लाइसेंस रद्द कर दूंगा!"

MSP पर जोर: कलेक्टर ने मंडी सचिव से पूछा, "आम के लिए MSP क्यों नहीं लागू? बोली कम से कम लागत से ऊपर क्यों नहीं शुरू होती?" जवाब में सचिव की चुप्पी ने साठगांठ की आशंका को और पुख्ता किया। कलेक्टर ने मंडी सचिव को निलंबन और व्यापारियों के खिलाफ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी। CCTV फुटेज और बोली रजिस्टर की जांच के आदेश दिए।

Collector Bedekar video goes viral in Alirajpur reprimands Mandi Secretary over mango prices

Collector Bedekar video: किसानों की हालत: रोज की लूट

अलीराजपुर में आम की खेती किसानों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जिले में लगभग 10,000 हेक्टेयर में आम की खेती होती है, और सालाना 50,000 टन से अधिक उत्पादन होता है। लेकिन मंडी में कम दाम और सुविधाओं की कमी ने उनकी कमर तोड़ दी है।

उत्पादन लागत

  • खाद और कीटनाशक: 2-3 रुपये/किलो।
  • मजदूरी: 3-4 रुपये/किलो।
  • पानी और बिजली: 1-2 रुपये/किलो।
  • परिवहन: 2-3 रुपये/किलो।
  • कुल लागत: 10-12 रुपये/किलो।
  • मंडी के दाम: 4.50-6 रुपये/किलो, यानी 50% घाटा। व्यापारी इन्हें 20-30 रुपये/किलो में बेचते हैं।
  • सुविधाओं की कमी: मंडी में पानी, शौचालय, वजन कांटा, और सुरक्षा की कमी। किसानों को रातभर इंतजार करना पड़ता है।

MSP का अभाव: आम जैसी नकदी फसलों के लिए MSP नहीं है। गेहूं और धान की तरह MSP गारंटी की मांग बढ़ रही है।
X पर @kisan_HRY ने लिखा, "मंत्री फीता काटकर चले जाते हैं, व्यापारी लूट शुरू करते हैं। MSP कानून के बिना किसान बर्बाद हो रहा है।"

अलीराजपुर मंडी में लूट की कई वजहें सामने आईं:

  • साठगांठ: मंडी सचिव और बड़े व्यापारी मिलकर बोली को कम रखते हैं। छोटे किसानों की आवाज दबाई जाती है।
  • पारदर्शिता की कमी: बोली प्रक्रिया में CCTV का इस्तेमाल नहीं। रजिस्टर में हेरफेर की शिकायतें।
  • बाहरी व्यापारी: गुजरात और महाराष्ट्र के व्यापारी कम दाम पर खरीदकर बड़े बाजारों में मुनाफा कमाते हैं।
  • प्रशासनिक ढिलाई: मंडी अधिनियम का पालन नहीं। किसानों को उचित दाम के लिए हेल्पलाइन या शिकायत तंत्र नहीं।

कलेक्टर बेडेकर ने तुरंत एक्शन लिया

  • विभागीय जांच: मंडी सचिव के खिलाफ साठगांठ और लापरवाही की जांच शुरू। 7 दिन में रिपोर्ट मांगी।
  • व्यापारियों पर शिकंजा: कम दाम तय करने वाले 5 बड़े व्यापारियों के लाइसेंस की जांच। कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की तैयारी। मंडी के CCTV फुटेज और बोली रजिस्टर की फोरेंसिक जांच होगी। 20 मई की पूरी बोली प्रक्रिया की जांच।
  • किसान हेल्पलाइन: कलेक्टर ने किसानों के लिए 24x7 हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की। शिकायतें सीधे कलेक्ट्रेट तक पहुंचेंगी। कलेक्टर ने राज्य सरकार को आम के लिए MSP तय करने का प्रस्ताव भेजने की बात कही। 10-12 रुपये/किलो की लागत को आधार बनाया जाएगा। SP अलीराजपुर ने भी मंडी में सुरक्षा बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पेट्रोलिंग शुरू की।

अलीराजपुर की कृषि उपज मंडी किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय से लूट का अड्डा बनी हुई है:

इतिहास: 1980 में स्थापित, यह मंडी आम, संतरा, मिर्च, और सब्जियों की बिक्री का केंद्र है। 50,000+ किसान इससे जुड़े हैं।
समस्याएं:
पारदर्शिता: बोली प्रक्रिया में खुलेपन की कमी। CCTV काम नहीं करते।
सुविधाएं: पानी, शौचालय, वजन कांटा, और छाया की कमी। किसानों को रातभर इंतजार करना पड़ता है।
MSP: आम, संतरा, और मिर्च जैसी फसलों के लिए MSP नहीं। गेहूं और चावल तक सीमित।
बाहरी व्यापारी: गुजरात और महाराष्ट्र के व्यापारी कम दाम पर खरीदकर बड़े बाजारों में मुनाफा कमाते हैं।

पिछले विवाद:

  • 2023: किसानों ने संतरा के 3 रुपये/किलो दाम पर प्रदर्शन किया।
  • 2024: मिर्च की बोली 5 रुपये/किलो से शुरू, किसानों ने मंडी सचिव के खिलाफ शिकायत की।
  • कृषि नीति और MSP की जरूरत
  • मध्यप्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था का आधार है। 12% से अधिक की कृषि विकास दर के बावजूद किसानों की हालत खराब है।

MSP की कमी और मंडी सुधारों की ढिलाई इसका कारण है:

MSP की स्थिति: गेहूं, धान, और चना के लिए MSP लागू, लेकिन आम, संतरा, मिर्च, और सब्जियों के लिए नहीं। कृषि सुधार कानून 2020 (रद्द) के बाद MSP गारंटी पर चर्चा रुकी। किसान आंदोलन 2020-21 में 14 महीने तक MSP की मांग रही। CM मोहन यादव ने कृषि उद्योग समागम (नरसिंहपुर, 26 मई 2025) में कृषि-उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही, लेकिन MSP पर ठोस नीति की कमी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+