25 दिसंबर को लिखा जाएगा बुंदेलखण्ड की समृद्धि और विकास का नया अध्याय: CM मोहन यादव
Madhya Pradesh News: 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से बुंदेलखण्ड की समृद्धि और विकास का नया अध्याय प्रारंभ होगा। एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव सागर के गौरव दिवस एवं जनकल्याण पर्व में शामिल हुए थे जहां उन्होंने इस बात को कहा। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
इस मौके पर उतराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा एमपी सरकार के द्वारा सागर के विकास के लिए कई कार्य किए गए है। उन्होंने लाखा बंजारा झील का जिक्र करते हुए कहा कि इस झील के जीर्णोद्धार,पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य से सागर शहर के विकास को एक नई दिशा मिली है। मोहन यादव और उनकी टीम ने सागर के विकास के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।

CM धामी ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि जब सीएम मोहन यादव के तरफ से मुझे कार्यक्रम में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ तो मेरी बचपन की यादें ताजा हो गई। उन्होंने कहा कि बचपन कि अनेक स्मृतियां मेरे मन में है। सीएम ने कहा सागर सिर्फ मेरे लिए एक शहर ही नहीं बल्कि मेरे जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा है। यह मेरी पैतृक भूमी है। मेरे पिताजी यहाँ महार रेजीमेंट में पदस्थ थे। उन्होंने मोहन यादव सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि एमपी सरकार ने पहले वर्ष में मध्य प्रदेश के उज्जवल भविष्य की मजबूत नीव स्थापित कर ली है। आज यहां 100 करोड़ से भी ज्यादा की विकास योजनाओं का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो रहा हैं।
सागर गौरव दिवस पर CM मोहन यादव ने दिया सौगात
सीएम डॉ मोहन यादव ने सागर गौरव दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिती में बंजरा झील के सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण एवं क्षेत्र को विभिन्न विकास कार्यों के भूमी पूजन व लोकार्पण की सौगात दी। इस कार्यक्रम में सागर शहर से बुंदेलखंड का नाम समूचे विश्व में रौशन करने वाले विभूतियों को भी आमंत्रित किया गया था जिसे सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 24 लाख से अधिक बहनों को रुपये 450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना हेतु 26 करोड़ रुपये की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया गया।
"केन बेतवा लिंक परियोजना" से बुंदेलखंड बनेगा बुलंद
केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड विकास की पटरी पर सरपट दौड़ेगी। इस परियोजना से बुंदेलखंड के 10 जिलों के 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी एवं 40 लाख से अधिक आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी। पानी की बूंद बूंद को तरसने वालाा बुंदेलखंड को अब पानी की कमी नहीं होगी। अब बुंदेलखंड की पहचान पलायन नहीं बल्कि पर्यटन की नई पहचान बनेगा। प्रदेश में 103 मेगावॉट इलेक्ट्रसिटी मिलेगी एवं फसलों की पैदवार बढ़ेगी।












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