आसमान में संकट, जमीन पर सैर: खराब मौसम में CM मोहन यादव की हेलीकॉप्टर से इमरजेंसी लैंडिंग, सड़क से पचमढ़ी रव
MP News: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को 22 से अधिक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा, जिसने जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर हादसों और नुकसान का कारण भी बना। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, टीकमगढ़ में 9 घंटे में 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि मंडला, नर्मदापुरम, ग्वालियर, और भोपाल जैसे शहरों में भी अच्छी बारिश हुई।
इस बीच, खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की पिपरिया हेलीपैड पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में टनल की छत का पीओपी गिरने और मंदसौर के गरोठ थाने में प्लास्टर ढहने की घटनाओं ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। आइए, इस मानसूनी दौर के प्रभावों, हादसों, और भविष्य की चेतावनियों को विस्तार से समझते हैं।

मानसून की झमाझम बारिश: जिलों में बारिश का हाल
IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून ने 16 जून 2025 को बड़वानी, खंडवा, खरगोन, और बुरहानपुर के रास्ते दस्तक दी थी और अब यह पूरे राज्य में सक्रिय हो चुका है। रविवार को प्रदेश के 22 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिसने कई क्षेत्रों में नदी-नालों को उफान पर ला दिया और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की।
प्रमुख जिलों में बारिश की मात्रा (22 जून 2025)
- टीकमगढ़: 9 घंटे में 2 इंच बारिश, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति।
- मंडला: 1.5 इंच बारिश, नदी-नाले उफान पर।
- नर्मदापुरम: 1.4 इंच बारिश, पचमढ़ी में ठंडा मौसम।
- ग्वालियर: 1 इंच बारिश, सामान्य से 18% अधिक।
- भोपाल-रायसेन: 0.75 इंच बारिश, रुक-रुककर बूंदाबांदी।
- बालाघाट (मलाजखंड): 0.5 इंच से अधिक बारिश।
- रतलाम, पचमढ़ी: 0.5 इंच बारिश।
- अन्य जिले: बैतूल, धार, इंदौर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, निवाड़ी, सागर, सिवनी, उमरिया में हल्की से मध्यम बारिश।
मौसम का प्रभाव
तापमान में गिरावट: भोपाल में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से घटकर 35.6 डिग्री और इंदौर में 34.6 डिग्री दर्ज हुआ।
जलभराव: टीकमगढ़ और रतलाम में निचले इलाकों में पानी भर गया।
कृषि पर असर: सोयाबीन और मक्का की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद, लेकिन अधिक बारिश से जलनिकासी की समस्या।
मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
- घटना का विवरण: दोपहर करीब 1 बजे, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और घने बादलों के कारण हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतारना पड़ा।
- प्रशासन की तत्परता: नर्मदापुरम कलेक्टर और SP मौके पर पहुंचे, और मुख्यमंत्री को सड़क मार्ग से पचमढ़ी ले जाया गया।
- सुरक्षा चिंता: यह घटना मानसूनी मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ानों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है।
- उज्जैन: महाकालेश्वर मंदिर में टनल की छत ढही
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार सुबह 8 बजे एक बड़ा हादसा टल गया, जब पालकी हॉल से एम्बुलेंस गेट तक बने टनल परिसर की छत का प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) अचानक ढह गया।
हादसे का कारण: पिछले कुछ दिनों से छत से पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे पीओपी कमजोर हो गया। भारी बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई: मंदिर समिति ने जांच समिति गठित की, और टनल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
भक्तों की सुरक्षा: घटना के समय टनल में कोई भक्त मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा, "टनल की मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी होने तक इसे बंद रखा जाएगा।" यह घटना महाकाल लोक परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाती है, जिसे हाल के वर्षों में भारी निवेश के साथ विकसित किया गया।
मंदसौर: गरोठ थाने की छत का प्लास्टर गिरा
मंदसौर जिले के गरोठ थाने में रविवार को भारी बारिश के कारण छत का प्लास्टर ढह गया। X पर @MPPolice ने लिखा, "गरोठ थाने में छत का प्लास्टर गिरा, कोई चोट नहीं। मरम्मत शुरू।"
विवरण: शनिवार रात से हो रही बारिश ने पुरानी इमारत की छत को कमजोर कर दिया, जिससे सुबह लगभग 10 बजे प्लास्टर गिर गया।
प्रभाव: थाने के रिसेप्शन क्षेत्र में काम प्रभावित हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
कार्रवाई: लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने मरम्मत शुरू कर दी, और थाने का काम अस्थायी व्यवस्था के तहत चल रहा है।
CM Mohan Yadav emergency landing from helicopter at Pipariya Pachmari in bad weather
मानसून की चुनौतियां और नुकसान
- जलभराव: भोपाल के कोलार, बैरसिया, और इंदौर के विजय नगर जैसे निचले इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ।
- बिजली आपूर्ति: ग्वालियर और रतलाम में बिजली के खंभे गिरने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही।
- कृषि: सोयाबीन की फसल को अधिक बारिश से नुकसान की आशंका, जबकि मक्का और धान के लिए बारिश लाभकारी।
आकाशीय बिजली की घटनाएं
IMD ने आकाशीय बिजली के खतरे की चेतावनी दी थी। "भोपाल के केकड़िया में बिजली गिरने से 14 वर्षीय छात्र की मौत।" नर्मदापुरम के राईखेड़ा में भी एक व्यक्ति की बिजली गिरने से मृत्यु हो गई।












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