MP News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत पर CM मोहन यादव का एक्शन, क्यों हुए 2 अधिकारी सस्पेंड जानिए

MP News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 72 घंटों के भीतर 10 हाथियों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सीएम निवास में वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि दो अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश भी दिया।

CM Mohan Yadav action on the incident of elephants in Bandhavgarh Tiger Reserve 2 officers suspended

हाथी टास्कफोर्स का गठन

बैठक में सीएम ने यह घोषणा की कि प्रदेश में एक राज्य स्तरीय हाथी टास्कफोर्स गठित किया जाएगा। यह टास्कफोर्स हाथी-मानव सह-अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि "हाथी मित्र" नामक समूहों का गठन किया जाएगा, जो हाथियों के संरक्षण और उनके साथ सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

सोलर फेंसिंग और किसान सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अधिक है, वहां सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि किसानों की फसलों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। इसके अलावा, किसानों को कृषि के साथ-साथ कृषि वानिकी और अन्य वैकल्पिक कार्यों से जोड़ने के प्रयास भी किए जाएंगे।

भविष्य की योजनाएं

डॉ मोहन यादव ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में ऐसे वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जहां हाथियों की बसाहट के साथ सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत किया जा सके। उन्होंने केंद्रीय वन मंत्री के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की है, जिससे वन विभाग इस क्षेत्र में ठोस कार्यवाही कर सके।

सीएम ने कहा कि जिन जिलों में हाथी वन क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं, वहां "हाथी मित्र" जन जागरूकता के लिए कार्य करेंगे ताकि स्थानीय समुदाय को हाथियों के प्रति जागरूक किया जा सके।

हाथियों की मौत पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की रिपोर्ट: मानवीय साजिश का एंगल नहीं

उमरिया जिले में हाल ही में 10 हाथियों की संदिग्ध मौत की घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना दुखद और दर्दनाक है, जिसे राज्य सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया है। वन राज्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल ने इस क्षेत्र का दौरा किया है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की मानवीय साजिश का कोई संकेत नहीं मिला है।

कीटनाशक का ना मिलना

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में हाथियों के पेट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना अभी बाकी है। हाथियों के एक बड़े दल का इस तरह से आना पिछले दो-तीन वर्षों में एक नया अनुभव है। उमरिया और सीधी जिलों में हाथियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता है।

अधिकारियों की लापरवाही

सीएम यादव ने घटना के संदर्भ में फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी की लापरवाही पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि हाथियों की मौत की इतनी बड़ी घटना के दौरान फील्ड डायरेक्टर का अवकाश से वापस नहीं आना चिंताजनक है। चौधरी ने हाथियों की मौत की सूचना मिलने पर मोबाइल भी बंद कर लिया था, जिससे स्थिति की गंभीरता को समझने में कठिनाई हुई।

इस लापरवाही के लिए फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही, प्रभारी एसीएफ फतेहसिंह निनामा को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई समय पर करनी चाहिए।

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