रसोई में बर्तन रखने की जगह छिपा था मोस्ट वांटेड, पुलिस ने तड़के 4 बजे छापा मारकर पकड़ा
छिंदवाड़ा। दो साल से फरार रहे हत्या के आरोपी के बारे में पुलिस को मुखबिर को इत्तला मिली को वो अपने घर आया हुआ है। पुलिस ने सुबह चार बजे उसके घर पर दबिश दी। पुलिस ने पूरा घर छान मारा, मगर वो मोस्ट वांटेड काफी देर तक नहीं मिला। फिर वो जहां मिला वहां के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था।

छिंदवाड़ा पुलिस को दो साल से थी तलाश
दरअसल, शातिर बदमाश मनिंदर सिंह ऊर्फ रिक्की खंडूजा घर पर रसोई में बर्तन रखने की जगह (कबर्ड) में छिपा मिला। मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा पुलिस को हत्या समेत 17 संगीन मामलों में वर्ष 2017 से इसकी तलाश थी। 2010 से छिंदवाड़ा जिले के गुंडों की सूची में शामिल मनिंदर पर पुलिस ने 15 हजार रुपए का ईनाम भी रखा हुआ था। छिंदवाड़ा एसपी मनोज राय ने बताया कि पुलिस टीम ने परासिया स्थित उसके निवास पर तड़के चार बजे छापा मारा। पूरे घर की छानबीन की गई। किचन में पहुंचे तो देखा कि कबर्ड थोड़ा खुला हुआ है। जैसे ही उसे पूरा खोला तो आरोपी डिब्बों के पीछे बैठा था। पुलिस को देखते ही उसने हाथ जोड़ लिए और फिर नीचे उतर आया।

गैंगवार के आरोपी को गोली मारकर हुआ था फरार
एसपी ने बताया कि परासिया थाना क्षेत्र में कुछ सालों से गैंगवार चल रही थी। इसके आरोपी इकलाख कुरैशी को 4 अगस्त 2017 को देहात थाना क्षेत्र के मामले में गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया गया था। तब आरोपित नरेन्द्र पटेल, रिक्की पिता जगजीत सिंह उर्फ राजू पायलट खंडूजा (32) समेत अन्य आरोपितों ने योजना बनाकर न्यायालय परिसर में दिनदहाड़े इकलाख की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में अधिकांश आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे, लेकिन मुख्य आरोपी रिक्की फरार चल रहा था।

रिक्की के खिलाफ ये मामले दर्ज
रिक्की के खिलाफ करीब 17 अपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें परासिया, जुन्नारदेव थाने में मारपीट के 9, कुण्डीपुरा में बलवा सहित हत्या के प्रयास का 1, शासकीय कर्मचारी पर हमला थाना परासिया में 1, चांदामेटा में बलवा सहित हत्या के 2, कोतवाली थाने में हत्या का 1, परासिया में अपहरण का 1 एवं धोखाधड़ी का 1, व कर्जा एक्ट 1, इसके अलावा अन्य थानों में हत्या, मारपीट, सूदखोरी के मामले दर्ज हैं।












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