MP News: लोकसभा चुनाव 2024 में पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के लड़ने के आसार कम, जानिए अंदर की बात
MP Politics News: स्क्रीनिंग कमेटी के साथ हुई प्रदेश चुनाव अभियान समिति और लोकसभा प्रभारी की बैठक के बाद कुछ नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ने का हाथ कर दिया गया है। हालांकि इस बैठक में यह भी संकेत मिले हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। दोनों ही नेता शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक में ऑनलाइन जुम एप्लीकेशन के माध्यम से जुड़े थे।
दिग्विजय सिंह राज्यसभा का टेक्निकल फार्मूला बात कर चुनाव मैदान में आने से दूर रहे वही कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ को ही लोकसभा चुनाव लड़वाना चाहते हैं।

सूत्रों की मानी जाए तो इस बैठक के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह का नाम भी मुरैना से लगभग सिंगल ही है, उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने के संकेत दे दिए गए हैं। इसी तरह देवास से सज्जन सिंह वर्मा को फिर से लोकसभा का चुनाव लड़ने को कहा गया है। वहीं झाबुआ से कांतिलाल भूरिया, खंडवा से अरुण यादव, मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन को ही पार्टी फिर से लोकसभा चुनाव में उतारने जा रही है।
इन सभी नेताओं को चुनाव की तैयारी करने को कहा गया है उनके साथ ही कमलेश्वर पटेल को सीधी, बाला बच्चन को खरगोन से लड़ने को कहा जा सकता है। पार्टी का मानना है कि लोकसभा चुनाव में दिग्गजों की चुनावी मैदान में उतरने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नई एनर्जी मिलेगी। हालांकि पार्टी ने 50-50 का फार्मूला लागू किया है। यानी 50% युवाओं चहरों को और 50% दिग्गज नेताओं को टिकट दिए जाएंगे।
इन सीटों पर होंगे नए चेहरे
गुना में इस बार कांग्रेस दिग्विजय सिंह के पुत्र और विधायक जयवर्धन सिंह को मैदान में उतर सकती है। राजगढ़ से प्रियव्रत सिंह को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। खजुराहो से आलोक चतुर्वेदी होशंगाबाद से संजय शर्मा, धार से सुरेंद्र सिंह बघेल, शहडोल से फंदेलाल मार्को को जबलपुर से तरुण भनोट को लोकसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। यह सभी लोकसभा में नए चेहरे होंगे हालांकि प्रदेश की राजनीति में यह चेहरे पुराने हैं।
दिग्विजय सिंह की चुनाव से दूर रहने की यह है वजह
दिग्विजय सिंह की राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में बड़ी सक्रियता को देखते हुए यह अटका ले लगाई जा रही है कि वह लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन उन्होंने इन अटकलें को लेकर कहा कि वे राज्यसभा के सदस्यों और उनका कार्यकाल 2026 तक है दरअसल यदि दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनाव लड़कर यदि संसद में पहुंचते हैं तो उन्हें राज्यसभा की सीट छोड़ने होगी ऐसे में उनकी सीट पर बाकी बचे हुए समय के लिए चुनाव होगा जिस पर भाजपा भारी पड़ेगी और राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस से छीनकर भाजपा के खाते में चली जाएगी इसलिए दिग्विजय सिंह के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर संशय बना हुआ है।












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