केंद्रीय जल आयोग ने जताई बांधों के ढहने की आशंका, शासन को भेजी रिपोर्ट
मध्यप्रदेश के सागर, विदिशा और नर्मदापुरम में कई दशकों पहले बने पुराने बांधों को ढहने का खतरा बनाया है। रिपोर्ट के बाद मप्र जल संसाधन विभाग के अधिकारियों जिला स्तर पर रिपोर्ट भेजी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।

Central Water Commission: सेंट्रल वाटर कमीशन ने मध्य प्रदेश को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग में हड़कंप बना हुआ है। दरअसल cwc ने नर्मदापुरम के खेरीपुरा बांध, विदिशा के सम्राट अशोक सागर बांध और सागर के नयाखेरा टैंक बांध को बारिश में ढहने का खतरा बताया है। रिपोर्ट के बाद विभाग ने जैसे ही यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी तो हड़कंप मच गया है।
मध्य प्रदेश में बीते साल भारी बारिश के दौरान धार जिले में कारम डैम फूट गया था, जिसके बाद शासन-प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ा था। इसके बाद सेंट्रल वाटर कमीशन (cwc) ने प्रदेश के बांधों की जांच कराई थी। यह रिपोर्ट दिल्ली में सबमिट की गई थी, जिसके बाद दिल्ली से मध्य प्रदेश शासन को रिपोर्ट भेजी गई है और तीन ऐसे बांध को ढहने का खतरा बताते हुए इनकी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में सागर जिले में वर्ष 1992 में बना नयाखेरा टैंक बांध, नर्मदापुरम जिले में वर्ष 1981 में बना खोरीपुरा बांध, विदिशा जिले में वर्ष 1976 में बना सम्राट अशोक सागर बांध (हलाली बांध) शामिल है। आयोग की टीम ने इनका निरीक्षण किया था और इनकी स्थिति को लेकर चेतावनी दी है। इन तीनों बांधों को केंद्रीय जल आयोग ने जोखिम की श्रेणी-एक में रखा है और जल संसाधन विभाग को डैम सेफ्टी एक्ट-2021 के तहत जारी गाइडलाइन अनुसार बांधों की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
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दरारें, पानी का रिसाव, ढहने का खतरा
जल संसाधन विभाग सागर से मिली जानकारी अनुसार जो रिपोर्ट सीडब्ल्युसी से आई है, उसमें प्रदेश के तीनों बांधों में दरारें, पानी के लगातार रिसाव और इससे बारिश के दौरान इनके ढहने के खतरे को लेकर आगाह किया गया है। रिपोर्ट में तत्काल इन बांधों की मरम्मत की बता कही गई है। हालांकि अधिकारी शासन के पोर्टल पर बांधों से जुड़ी जानकारी में तकनीकि गड़बड़ी बता रहे हैं।












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