MP News: रीवा में विवादित रील बनाने पर MBA की छात्रा अल्फिया खान पर केस दर्ज, AIMIM के ओवैसी के भाषण का यूज

MP Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में एमबीए की छात्रा अल्फिया खान की सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक रील के कारण विवाद खड़ा हो गया है।

इन वीडियो रील्स में धार्मिक और राजनीतिक विषयों को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसके बाद हिंदू संगठनों और छात्र संगठनों ने विरोध किया और पुलिस ने छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

Case registered against MBA student Alfia Khan for making AIMIM Asaduddin Owaisi reel in Rewa

विवादास्पद रील

दरअसल, अल्फिया खान की सोशल मीडिया पर अपलोड की गई रील में 'ख्वाजा के गुलामों से उलझना छोड़ दे.. फेंक देंगे काटकर..' और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक भाषण का '15 मिनट' वाला एबींएस बज रहा था। वीडियो में छात्रा अपनी गर्दन पर हाथ रखकर इशारा करती दिख रही थी। यह रील वायरल हो गई और हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया।

पुलिस ने दर्ज किया केस

हिंदू संगठनों के विरोध और विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने सोमवार को अल्फिया खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर आरोप लगाए गए कि यह धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाता है।

Case registered against MBA student Alfia Khan for making controversial reel in Rewa

अल्फिया खान की माफी और विश्वविद्यालय का नोटिस

विवाद के बढ़ते माहौल में अल्फिया खान ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो पोस्ट कर माफी मांगी। उन्होंने कहा, "किसी भी धर्म के लोगों को इस वीडियो से ठेस पहुंची हो तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं। मेरा उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। गाना ट्रेंड हो रहा था, तो मैंने भी बना लिया। आगे से इस तरह की रील नहीं बनाऊंगी, और इसको भी मैंने हटा दिया है।" इसी बीच, विश्वविद्यालय ने भी छात्रा को नोटिस जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि यदि छात्रा की ओर से भविष्य में ऐसी कोई गलती दोहराई जाती है, तो उसे सस्पेंड किया जा सकता है।

अल्फिया खान पर हुए केस में लगाई गईं ये धाराएं, जानिए क्या हो सकती है सजा

सोशल मीडिया पर विवादित रील पोस्ट करने के बाद एमबीए छात्रा अल्फिया खान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है, जिनका उल्लंघन करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

Case registered against MBA student Alfia Khan for making controversial reel in Rewa

लगाई गईं धाराएं

धारा 353(1) (BNS): इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति जान-बूझकर गलत जानकारी या अफवाह फैलाता है, तो उसे तीन साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। अल्फिया खान की रील को लेकर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उसने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री फैलायी है, जिससे इस धारा का उल्लंघन हो सकता है।

धारा 196 (IPC): इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति जान-बूझकर झूठा साक्ष्य पेश करता है या उसका इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो उसे उसी तरह से सजा दी जाएगी, जैसे कि उसने झूठा साक्ष्य दिया हो। हालांकि इस मामले में यह धारा मुख्य रूप से उस स्थिति में लागू होती है जब कोई झूठा साक्ष्य अदालत या सरकारी जांच में पेश करता है, परंतु यह भी आरोप लग सकते हैं यदि जांच में इस तरह का कोई तत्व पाया जाता है।

धारा 353(2) (BNS): यह धारा किसी धर्म या जाति के बारे में झूठी जानकारी या अफवाह फैलाने से संबंधित है। इसके तहत आरोप साबित होने पर आरोपी को तीन साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माने का भी प्रावधान है। हिंदू संगठनों का कहना है कि छात्रा ने अपनी रील के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, जिसके तहत यह धारा लगाई जा सकती है।

क्या हो सकती है सजा?

इन धाराओं के तहत अगर अल्फिया खान दोषी पाई जाती हैं, तो उन्हें तीन साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। यह सजा इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में क्या तथ्यों की पुष्टि होती है और कोर्ट में कैसे मामले की सुनवाई होती है।

शिकायत और एफआईआर का सिलसिला

इस मामले में शिकायत पहले हिंदू संगठनों और छात्र संगठनों की ओर से की गई थी। रविवार रात को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मामले की लिखित शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, जहां वे एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए थे। इसके बाद पुलिस ने सोमवार सुबह एफआईआर दर्ज कर ली और मामले की जांच शुरू कर दी।

Case registered against MBA student Alfia Khan for making controversial reel in Rewa

जानिए किन वीडियो पर हुआ विवाद

1. पहला वीडियो - कॉलेज ड्रेस में बनाया वीडियो

यह वीडियो अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के सामने बनाया गया था, जिसमें छात्रा कॉलेज की ड्रेस पहने हुए थी और उसके गले में विश्वविद्यालय का आईडी कार्ड लटका हुआ था। इस वीडियो में एक विवादित गाने का एंबीएंस बज रहा था - 'ख्वाजा के गुलामों से उलझना छोड़ दे.. फेंक देंगे काटकर..'। वीडियो में छात्रा गले पर हाथ रखकर एक्टिंग करती नजर आ रही थी, जिससे यह वीडियो धार्मिक भावना को आहत करने वाला माना गया। हिंदू संगठनों ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई।

2. दूसरा वीडियो - असदुद्दीन ओवैसी के '15 मिनट' वाले भाषण पर रील

इस वीडियो में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का विवादास्पद भाषण का एंबीएंस बज रहा था, जिसमें ओवैसी ने महाराष्ट्र चुनाव के दौरान '15 मिनट' का जिक्र किया था। यह भाषण उस समय काफी विवादों में था और छात्रा ने उसी भाषण के एंबीएंस पर रील बनाई थी। इस वीडियो को लेकर भी संगठनों ने आपत्ति जताई, क्योंकि इसे एक खास राजनीतिक विचारधारा को प्रमोट करने के रूप में देखा गया।

3. तीसरा वीडियो - परीक्षा हॉल में बनाई गई रील

यह वीडियो कॉलेज के परीक्षा हॉल में बनाया गया था। वीडियो में छात्रा 'हुस्न ए जन्नत को फिर जब समेटा गया' गाने पर मुस्कुराते हुए एक्टिंग करती नजर आ रही थी, जबकि परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक छात्रों को कॉपी बांट रहा था। यह वीडियो विश्वविद्यालय के परीक्षा हॉल के भीतर फिल्माया गया था, और इसके दौरान छात्रा की मुस्कान और रील बनाना कई छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए आपत्तिजनक साबित हुआ, क्योंकि यह परीक्षा के गंभीर माहौल में एक गैर-गंभीर गतिविधि के रूप में देखा गया।

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