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MP: गुजरात से चित्रकूट जा रही बसें नाले पर फंसी, आधी रात को रेस्क्यू कर 75 लोगों को निकाला

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सागर, 23 अगस्त। मप्र के सागर में भारी बारिश और बाढ़ के बीच गुजरात की दो टूरिस्ट बसे राहतगढ-विदिशा रोड पर नाले की बाढ़ में फंस गई। नाले के पुल पर पानी के बीच घिरी दोनों बसों में 75 यात्री सवार थे। बसों के चारों ओर पानी ही पानी देखकर बसों में चीख-पुकार मच गई थी। सूचना मिलने पर राहतगढ़ एसडीओपी की तत्परता से आधी रात में एसडीआरएफ टीम को बुलाकर रेस्क्यू कराकर सभी यात्रियों को सकुशल निकाल लिया गया। रात में कलेक्टर, एसपी भी मौके पर पहुंच गए थे।

बाढ़ में फंसते ही बसों में चीख-पुकार मच गई

बाढ़ में फंसते ही बसों में चीख-पुकार मच गई

गुजरात से चित्रकूट और सीधी जा रही दो टूरिस्ट बसें देर रात राहतगढ़-विदिशा मार्ग पर मीरखेड़ी के पास मचला नाले के पुल पर बाढ़ के पानी में फंस गई। बसें न आगे जा सकी, न पीछे ही हो सकीं। दोनों बसों में लगभग 70 यात्री और बस चालक व क्लीनिर थे। बसें के पहिए जैसे ही बाढ़ के पानी में नाले के ऊपर फंसे, यात्रियों को लगा कि उनकी जान पर बन आई है तो बसों से चीख-पुकार मच गई। लोग इतने डर गए कि वे चिल्लाकर मदद मांगने लगे थे। नाले के दोनों तरफ मौजूद लोगों ने पुलिस को दी सूचना

नाले के दोनों तरफ मौजूद लोगों ने पुलिस से मदद मांगी

नाले के दोनों तरफ मौजूद लोगों ने पुलिस से मदद मांगी

नाले के दोनों तरफ मौजूद वाहनों में सवार लोगों व स्थानीय लोगों ने मचला नाले पर दो यात्री बसें फंसे होने और चीख-पुकार मचने व जान बचाने के लिए पुलिस से मदद मांगी थी। यह सूचना राहतगढ़ एसडीएम तक होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम व कलेक्टर तक पहुंचाई गई। जानकारी लगते ही राहतगढ़ एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, तहसीलदार कुलदीप सिंह ठाकुर, जनपद सीईओ एसके प्रजापति, थाना प्रभारी आनंद रात दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।

एसडीएम ने मौके पर हालात देखकर एसडीआरएफ को बुलाया था

एसडीएम ने मौके पर हालात देखकर एसडीआरएफ को बुलाया था

एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने जब मौके पर पहुंचकर नाले में बाढ़ के पानी और बसों के फंसे होने के हालात की जानकारी ली और स्थानीय गोताखोरों व अन्य लोगों की मदद से यात्रियों को निकालना संभव नहीं दिखा तो एसडीआरएफ की टीम को सूचना देकर तत्काल मीरखेड़ी के मचला नाले के पुल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। कुछ समय बाद टीम मौके पर पहुंच गई।

एसडीआरएफ ने नाव, रस्सियों के सहारे किया रेस्क्यू

एसडीआरएफ ने नाव, रस्सियों के सहारे किया रेस्क्यू

एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर नाव को तैयार किया, दल के सदस्यों ने बचाव के लिए पूरी तैयारियां की, नाले के इस पार से उस पार तक रस्सियां बांधी गईं। टीम ने नाव की मदद से पांच से आठ लोगों को एक-एक कर बसों से उतारकर नाले के किनारे सुरक्षित पहुंचाया। टीम ने उफनते नाले में करीब करीब 14 से 15 राउंड लगाकर लोगों को बचाया है।

अंधेरे के कारण खुद की जान जोखिम में डालकर यात्रियों को निकाला

अंधेरे के कारण खुद की जान जोखिम में डालकर यात्रियों को निकाला


दोनो यात्री बसों की सवारियों का रेस्क्यू किया गया करीब 75 लोगों को एसडीईआरएफ की टीम ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। मौके पर अंधेरे के कारण एसडीआरएफ की टीम के काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे प्रशासन, पुलिस व एसडीआरफ की टीम के वाहनों की हेडलाइट जलाकर और टीम के पास मौजूद टाॅर्च की रोशनी के सहारे पूरा रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया गया। घटना की जानकारी लगते ही सागर कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी तरुण नायक भी मौके पर पहुंचे बस की सवारियों की खाने पीने की व्यवस्था मीरखेड़ी सरपंच ऋषभ ओसवाल ने की सभी यात्रियों को पंचायत भवन में रुकवाया। गुजरात से चित्रकूट जा रही थी दोनों बसों में सवार सभी यात्री सकुशल और सुरक्षित हैं।

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English summary
MP Buses going from Gujarat to Chitrakoot got stuck on the drain, rescued 75 people at midnight
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